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नकली पहचान और मीडिया आईडी के सहारे लोगों को बना रहा था बेवकूफ, फर्जी एसी एक्साइज समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

 

जम्मू में फर्जी पहचान और नकली मीडिया आईडी के जरिए लोगों को ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक व्यक्ति खुद को एसी एक्साइज अधिकारी बताता था, जबकि उसके साथी फर्जी मीडिया आईडी दिखाकर लोगों पर दबाव बनाते और अवैध वसूली को अंजाम देते थे। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय फर्जी अधिकारियों और नकली पत्रकारों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग खुद को सरकारी अधिकारी और मीडिया कर्मी बताकर व्यापारियों, होटल मालिकों और आम नागरिकों को धमकाते हैं। ये लोग कार्रवाई या खबर छापने का डर दिखाकर पैसे और अन्य सुविधाएं हासिल करते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम का गठन किया और आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी।

जांच के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी खुद को आबकारी विभाग का एसी (असिस्टेंट कमिश्नर) बताता था और फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करता था। उसके साथ मौजूद अन्य दो आरोपी नकली मीडिया आईडी कार्ड लेकर चलते थे, जिससे लोगों को यह विश्वास हो जाता था कि वे किसी बड़े मीडिया संस्थान से जुड़े हैं। इसी पहचान का फायदा उठाकर वे लोगों को भ्रमित करते और अपने जाल में फंसाते थे।

पुलिस ने जाल बिछाकर तीनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से फर्जी सरकारी पहचान पत्र, नकली मीडिया आईडी कार्ड, मोबाइल फोन और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहे थे और कई लोग इनके शिकार बन चुके हैं।

एसएसपी जम्मू ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इनके तार किसी बड़े गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं। इसके अलावा, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को ठगा और कितनी रकम वसूली गई।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा खुद को सरकारी अधिकारी या मीडिया कर्मी बताने पर उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें। संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि मीडिया से जुड़े वास्तविक पत्रकार कभी भी धमकी या अवैध वसूली नहीं करते।

इस कार्रवाई के बाद शहर के व्यापारियों और आम लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस का कहना है कि फर्जी पहचान के जरिए लोगों को ठगने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि जनता का भरोसा कायम रखा जा सके और कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।