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शोपियां में वांटेड लश्कर आतंकी के माता-पिता ने घर पर फहराया तिरंगा, स्वतंत्रता दिवस पर दिखा अलग नजारा

 

जम्मू-कश्मीर के शोपियां से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक तस्वीर सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है। सुरक्षा एजेंसियों की वांटेड सूची में शामिल लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर आबिद रमजान शेख के माता-पिता ने अपने घर की छत पर तिरंगा फहराया। 15 अगस्त को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के साथ देश के प्रति सम्मान और जुड़ाव का संदेश दिया।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय बताया गया आतंकी

रिपोर्ट के मुताबिक आबिद रमजान शेख पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK से ऑपरेट करने वाला लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर बताया जाता है। उसका नाम कश्मीर में सुरक्षा बलों की वांटेड सूची में शामिल है। उस पर घाटी में कई आतंकी घटनाओं में कथित भूमिका होने के आरोप हैं।

वहीं, उसके माता-पिता का अपने घर पर तिरंगा फहराना स्वतंत्रता दिवस के दिन खास चर्चा का विषय बन गया। शोपियां में उनके घर की छत पर राष्ट्रीय ध्वज लहराता दिखाई दिया।

कश्मीर में शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

जम्मू-कश्मीर में इस बार स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के दौरान कई जगह तिरंगा फहराया गया। शोपियां में आतंकी गतिविधियों के इतिहास के बीच एक वांटेड आतंकी के परिवार द्वारा घर पर तिरंगा फहराने की तस्वीर अलग संदेश देती नजर आई।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब घाटी में सुरक्षा एजेंसियां आतंकी नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं।

2021 में भी सामने आया था ऐसा मामला

स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी परिवार से जुड़े किसी सदस्य द्वारा तिरंगा फहराने का यह पहला चर्चित मामला नहीं है। 2021 में हिजबुल मुजाहिदीन के मारे जा चुके कमांडर बुरहान वानी के पिता मुजफ्फर वानी ने भी जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराया था। उस समय वह एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल थे और उन्होंने स्कूल में अन्य शिक्षकों के साथ राष्ट्रगान में हिस्सा लिया था।

सोशल मीडिया पर चर्चा

आबिद रमजान शेख के माता-पिता द्वारा घर पर तिरंगा फहराए जाने की तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है। लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर शोपियां में वांटेड लश्कर कमांडर के माता-पिता द्वारा अपने घर पर तिरंगा फहराना इस बात की तस्वीर पेश करता है कि आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों के बीच भी राष्ट्रीय ध्वज और देश के प्रति भावनाएं समाज के अलग-अलग हिस्सों में अपनी जगह बनाए हुए हैं।