जम्मू-कश्मीर में सांबा, राजौरी और पुंछ में एलओसी पर दिखे 5 ड्रोन, वीडियो में देखें पाकिस्तानी घुसपैठ अंदेशा, सेना का काउंटर अटैक
पाकिस्तान से सटे सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में रविवार शाम को संदिग्ध ड्रोन देखे गए। स्थानीय सुरक्षा बलों ने यह जानकारी दी। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पास शाम करीब 5 बजे लगभग पांच ड्रोन दिखाई दिए। इस हलचल के बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत सतर्कता बढ़ाई और फॉरवर्ड इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
राजौरी जिले में ड्रोन गतिविधि
राजौरी के नौशेरा सेक्टर में तैनात जवानों ने शाम लगभग 6:30 बजे गनिया कलसियां गांव के ऊपर ड्रोन देखा। जवानों ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की। वहीं, राजौरी के तेरियाथ के खब्बर गांव के ऊपर शाम 6 बजे एक और ड्रोन देखा गया। यह ड्रोन कलाकोट के धर्मसाल गांव की तरफ से आया और आगे बढ़कर भरख की ओर गया। सुरक्षा बलों ने इलाके को पूरी तरह से घेरते हुए ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखी।
सांबा और पुंछ में ड्रोन देखे गए
सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में चक बबरल गांव के ऊपर शाम लगभग 7 बजे कुछ मिनटों तक ड्रोन जैसी चीज मंडराती दिखी। पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में शाम 6:30 बजे तैन से टोपा की ओर एक और ड्रोन जैसी वस्तु देखी गई। इन सभी घटनाओं के बाद सीमा सुरक्षा बलों और स्थानीय जवानों ने सतर्कता बढ़ा दी।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि फॉरवर्ड इलाकों में ड्रोन जैसी गतिविधियों के चलते सर्च ऑपरेशन तुरंत शुरू कर दिया गया। जवानों को एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास चौकसी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। ड्रोन की हलचल को गंभीरता से देखा जा रहा है क्योंकि यह क्षेत्र पहले भी संदिग्ध गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन का उपयोग खुफिया जानकारी जुटाने या निगरानी के लिए किया जा सकता है। ऐसे हालात में सुरक्षा बलों की तत्परता और चौकसी महत्वपूर्ण होती है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि को तुरंत सुरक्षा बलों को सूचित करें।
राजौरी, सांबा और पुंछ में यह घटनाएँ सुरक्षा बलों की सतर्कता की परीक्षा साबित हुई हैं। जवानों ने इलाके में चौकसी बढ़ाई और ड्रोन की दिशा और गतिविधियों का पता लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई। सुरक्षा बलों ने बताया कि फिलहाल किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि को गंभीरता से लिया जा रहा है।
इस घटना से सीमा और एलओसी पर सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को फिर से रेखांकित किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन जैसी गतिविधियों पर नजर रखना और फॉरवर्ड इलाकों में सुरक्षा बढ़ाना प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में जवानों की तैनाती और निगरानी और कड़ी की जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।