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लद्दाख में 10,600 फीट की ऊंचाई पर खिले 25 लाख फूल, दुनिया के सबसे ऊंचे ट्विन फ्लावर फील्ड्स का उद्घाटन

 

लद्दाख की ऊंची और बर्फीली पहाड़ियों के बीच अब फूलों की रंग-बिरंगी दुनिया भी नजर आएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने लेह में दुनिया के सबसे ऊंचे ट्विन फ्लावर फील्ड्स का उद्घाटन किया। चोगलामसर और स्कतना में तैयार किए गए ये दोनों फूलों के खेत समुद्र तल से करीब 10,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं।

इन फूलों के खेतों की खासियत केवल इनकी ऊंचाई नहीं है। इन्हें देश के सबसे ऊंचे और सबसे बड़े फूलों के खेतों में भी शामिल किया जा रहा है। करीब 40 एकड़ क्षेत्र में फैले इन दोनों फ्लावर फील्ड्स में 25 लाख से ज्यादा फूल लगाए गए हैं। इतनी ऊंचाई पर इतने बड़े पैमाने पर फूलों की खेती लद्दाख के लिए एक अलग तरह का आकर्षण बनकर सामने आई है।

40 एकड़ में फैली फूलों की रंगीन दुनिया

चोगलामसर और स्कतना में विकसित किए गए दोनों फूलों के खेत करीब 40 एकड़ क्षेत्र में फैले हैं। यहां अलग-अलग प्रजातियों के लाखों फूल लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इन खेतों में करीब 24 लाख लिलियम और 1 लाख ग्लैडियोलस के फूल शामिल हैं।

लद्दाख की पहचान आमतौर पर ऊंचे पहाड़ों, ठंडे रेगिस्तान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से होती है। ऐसे इलाके में बड़े पैमाने पर फूलों को उगाना अपने आप में एक खास पहल है। फूलों के खेतों के तैयार होने के बाद यहां का प्राकृतिक दृश्य और भी आकर्षक हो गया है।

10,600 फीट की ऊंचाई पर फूलों की खेती

इन फ्लावर फील्ड्स की सबसे बड़ी खासियत इनकी ऊंचाई है। समुद्र तल से करीब 10,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित इन खेतों में फूलों की खेती की गई है। इतनी ऊंचाई पर मौसम और तापमान सामान्य मैदानी क्षेत्रों से काफी अलग होता है। ऐसे में यहां फूलों को विकसित करना विशेष प्रयास और तकनीकी प्रबंधन की मांग करता है।

ट्विन फ्लावर फील्ड्स को लद्दाख में पर्यटन के एक नए आकर्षण के तौर पर भी देखा जा रहा है। बर्फीले पहाड़ों और फूलों के खेतों का संयोजन पर्यटकों के लिए अलग अनुभव पैदा कर सकता है।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल सकता है बढ़ावा

लद्दाख में पर्यटन पहले से ही अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नए फ्लावर फील्ड्स के विकसित होने से पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण जुड़ गया है। यहां आने वाले लोग प्राकृतिक नजारों के साथ फूलों के खेतों को भी देख सकेंगे।

इन खेतों से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना भी है। फूलों की खेती, रखरखाव और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा सकती है।

लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्र में तैयार किए गए ये ट्विन फ्लावर फील्ड्स प्रकृति और मानव प्रयास के अनोखे मेल का उदाहरण हैं। आने वाले समय में यह स्थान लेह आने वाले पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बन सकता है।