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हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मौसम बदलेगा, 10 मई रात से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना

 

हरियाणा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और दिल्ली में मौसम लगातार परिवर्तनशील बना हुआ है। मई की शुरुआत से ही क्षेत्र में रुक-रुक कर आंधी और बूंदाबांदी का दौर जारी है, जिससे गर्मी से कुछ राहत तो मिली है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव के पीछे लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ मुख्य कारण हैं। इन मौसमी प्रणालियों के चलते कभी तेज हवाएं चल रही हैं तो कभी हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है।

Delhi, National Capital Region और Haryana में पिछले कुछ दिनों से मौसम का यह मिश्रित रूप लोगों को महसूस हो रहा है। दिन में गर्मी और उमस के बाद शाम या रात के समय अचानक हवाएं और बूंदाबांदी देखने को मिल रही है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 10 मई की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके सक्रिय होने के बाद उत्तर भारत के इन क्षेत्रों में मौसम में और अधिक बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान तेज हवाएं, बादलों की घेराबंदी और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

Western Disturbance के कारण इस समय तापमान में बड़े उतार-चढ़ाव देखे जा रहे हैं। दिन के समय जहां तापमान सामान्य से अधिक बना रहता है, वहीं शाम और रात में अचानक मौसम ठंडा और सुहावना हो जाता है।

मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। इसके चलते लोगों को गर्मी से आंशिक राहत तो मिलेगी, लेकिन तेज हवाओं और बारिश के कारण दैनिक जनजीवन प्रभावित भी हो सकता है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मौसम परिवर्तन का असर फसलों पर भी पड़ सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां कटाई या भंडारण का काम चल रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें।

इसी बीच प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज आंधी के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने, कमजोर ढांचों के पास रहने या खुले स्थानों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है।

मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किए जाएंगे। फिलहाल, 10 मई के बाद मौसम में और अधिक सक्रियता देखने की संभावना जताई जा रही है, जिससे उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है।