सर्दी और बर्फबारी में पर्यटन का उत्साह, लेकिन लाहौल के सिस्सू में 20 जनवरी से बंद होंगी गतिविधियां
सर्दियों के मौसम में पहाड़ी पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। शिमला, मनाली, औली, नैनीताल, सिस्सू और मसूरी जैसे लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेस इन दिनों सैलानियों की भीड़ से गुलजार हैं। देशभर से लोग बर्फबारी और ठंड का आनंद लेने इन जगहों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में सर्दियों की छुट्टियों का मौसम पर्यटन के लिए उच्चतम माना जाता है। सैलानी बर्फ में खेलने, स्कीइंग, पर्वतीय रास्तों की सैर और स्थानीय संस्कृति का अनुभव करने आते हैं। पर्यटन क्षेत्र की दुकानें, होटल और होमस्टे इस मौसम में अपने सर्वोच्च व्यवसायिक समय का अनुभव करते हैं।
हालांकि, इस बार लाहौल के सिस्सू में 20 जनवरी से पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस दिन से किसी भी बाहरी व्यक्ति को एंट्री नहीं मिलेगी। स्थानीय प्रशासन ने यह निर्णय मुख्य रूप से सुरक्षा और प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए लिया है। सिस्सू क्षेत्र ऊंचाई और मौसम की कठिनाइयों के कारण सर्दियों में जोखिम भरा माना जाता है।
पर्यटन विभाग के अधिकारी ने बताया कि सिस्सू में यह बंदी 20 जनवरी से लागू होगी और तब तक के लिए आने वाले सैलानियों को अन्य विकल्पों की ओर मार्गदर्शन किया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि यह कदम सैलानियों की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में पर्वतीय इलाकों में भारी बर्फबारी, सड़क बंद और तापमान में गिरावट के कारण पर्यटन गतिविधियों को नियंत्रित करना आवश्यक हो जाता है। यह न केवल पर्यटकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।
सैलानियों के लिए यह चेतावनी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई लोग छुट्टियों का प्लान पहले ही बना चुके हैं। पर्यटन विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अन्य पर्यटन स्थलों पर अपनी यात्रा को शिफ्ट करें और सिस्सू आने से पहले स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
सिस्सू के अलावा अन्य लोकप्रिय पर्यटन स्थल जैसे शिमला, मनाली और मसूरी अभी खुला है और इन जगहों में पर्यटन गतिविधियां जारी रहेंगी। इन स्थानों पर होटल, रेस्टोरेंट और ट्रेकिंग प्वाइंट्स अपने सामान्य कार्यक्रम के अनुसार संचालित हो रहे हैं।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में पर्वतीय पर्यटन स्थलों की भीड़ और मौसम की चुनौती दोनों ही महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए प्रशासन की यह कार्रवाई सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से स्वागत योग्य है।
इस तरह, सर्दी और बर्फबारी का आनंद लेने वाले सैलानियों के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है। सिस्सू क्षेत्र में 20 जनवरी से गतिविधियों पर रोक लगेगी, लेकिन अन्य पर्वतीय पर्यटन स्थल अभी भी पर्यटकों का स्वागत कर रहे हैं। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने यात्रा कार्यक्रम में सुरक्षा और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखें।