बच्ची ने CM सुक्खू से पूछा- छोटे थे तो दादी-नानी से कौन सी कहानी सुनते थे? मुख्यमंत्री ने दिया दिलचस्प जवाब
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से एक बच्ची ने ऐसा मासूम सवाल पूछ लिया, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बच्ची ने मुख्यमंत्री से पूछा कि जब वह छोटे थे तो उनकी दादी या नानी उन्हें कौन सी कहानी सुनाया करती थीं। बच्ची के इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया और अपने बचपन की यादों को साझा किया।
दरअसल, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एक कार्यक्रम के दौरान लोगों से संवाद कर रहे थे। इसी दौरान एक बच्ची ने उनसे बचपन से जुड़ा सवाल पूछ लिया। बच्ची ने जानना चाहा कि मुख्यमंत्री जब खुद छोटे थे, तब उनके परिवार में दादी-नानी उन्हें किस तरह की कहानियां सुनाती थीं।
बच्ची का सवाल सुनकर मुख्यमंत्री ने सहज अंदाज में उसका जवाब दिया। इस दौरान माहौल कुछ देर के लिए औपचारिक बातचीत से हटकर बचपन की यादों और पारिवारिक किस्सों की ओर चला गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके बचपन में भी परिवार के बड़े बुजुर्ग बच्चों को कहानियां सुनाया करते थे।
बच्चों के सवाल पर सहज दिखे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के दौरान बच्ची का सवाल काफी अलग था। आमतौर पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री से विकास, शिक्षा, सड़क, रोजगार या अन्य मुद्दों को लेकर सवाल किए जाते हैं। लेकिन इस बच्ची ने मुख्यमंत्री के निजी बचपन से जुड़ी याद जानने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री ने भी सवाल को टालने के बजाय सहजता से जवाब दिया। बातचीत के इस छोटे से पल ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बच्ची की जिज्ञासा और मुख्यमंत्री के जवाब को दिलचस्प तरीके से लिया।
दादी-नानी की कहानियों से जुड़ी बचपन की यादें
भारत में बच्चों के बचपन में दादी-नानी की कहानियों की खास भूमिका रही है। परिवार के बुजुर्ग अक्सर बच्चों को राजा-रानी, वीर योद्धाओं, पंचतंत्र, धार्मिक कथाओं और लोककथाओं से जुड़ी कहानियां सुनाते थे। इन कहानियों के जरिए बच्चों को मनोरंजन के साथ-साथ संस्कार और जीवन से जुड़ी सीख भी मिलती थी।
मुख्यमंत्री से बच्ची का सवाल भी इसी पारिवारिक परंपरा से जुड़ा हुआ था। सवाल ने मुख्यमंत्री को अपने बचपन की यादों को याद करने का मौका दिया।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री और बच्ची के बीच हुई यह बातचीत अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन सकती है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में बच्चों की मासूम जिज्ञासा अक्सर लोगों का ध्यान खींचती है। इस बातचीत में भी बच्ची ने राजनीति या सरकार से जुड़ा सवाल पूछने के बजाय मुख्यमंत्री के बचपन के बारे में जानने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री का जवाब सुनने के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी हल्का-फुल्का माहौल देखने को मिला। इस पूरी बातचीत ने यह दिखाया कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं के साथ बच्चे भी सहज होकर संवाद कर सकते हैं।
बच्ची का मासूम सवाल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का जवाब कार्यक्रम के उन पलों में शामिल रहा, जिसने औपचारिक माहौल को कुछ देर के लिए बचपन की यादों से जोड़ दिया।