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कसोल रेव पार्टियों पर सख्ती: हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, वीडियो में जाने कुल्लू SP और SDM के ट्रांसफर के निर्देश

 

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कुल्लू जिले के कसोल क्षेत्र के जंगलों में कथित रूप से हो रही रेव पार्टियों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा आदेश जारी किया है। अदालत ने पुलिस अधीक्षक (SP) कुल्लू और संबंधित उपमंडलाधिकारी (SDM) के ट्रांसफर के निर्देश दिए हैं। यह आदेश उस मामले से जुड़ा है जिसमें रेव पार्टियों के आयोजकों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया था।

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मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति बीसी नेगी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि जंगलों और संवेदनशील क्षेत्रों में इस तरह की अवैध पार्टियों का आयोजन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने कहा कि इससे न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।

अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि मई महीने में पहले ही निर्देश दिए गए थे कि ऐसे आयोजनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएं। हालांकि, इन आदेशों के अनुपालन में ढिलाई पाए जाने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने के लिए यह सख्त कदम उठाया।

कोर्ट ने यह माना कि लगातार हो रही ऐसी गतिविधियां स्थानीय व्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन के लिए खतरा बन रही हैं। विशेष रूप से कसोल जैसे पर्यटन और पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार के आयोजन गंभीर चिंता का विषय हैं।

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को तय की है, जिसमें आदेशों के अनुपालन और आगे की कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। अदालत ने संकेत दिया है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है तो और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

गौरतलब है कि कसोल और आसपास के क्षेत्रों में रेव पार्टियों को लेकर लंबे समय से विवाद चलता आ रहा है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा इन आयोजनों पर रोक लगाने की मांग की जाती रही है, जबकि प्रशासन कई बार कार्रवाई का आश्वासन देता रहा है।

इस ताजा आदेश के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। फिलहाल पूरा मामला न्यायालय की निगरानी में है और आगे की कार्रवाई कोर्ट की आगामी सुनवाई पर निर्भर करेगी।