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हिमाचल में कब से बदल रहा मौसम? IMD ने राहत वाली तारीख दी, बारिश की सबसे अधिक मार कहां
 

 

हिमाचल प्रदेश में मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है, लेकिन कई इलाकों में बारिश का दौर अभी जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक 17 सितंबर तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद 18 सितंबर से मानसून की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। 18 से 21 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन इस अवधि के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

18 सितंबर से मिलेगी राहत

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 15, 16 और 17 सितंबर को हिमाचल के कई हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। 18 सितंबर से मानसून की रफ्तार कमजोर पड़ने के आसार हैं। इसके बाद बारिश कुछ इलाकों तक सीमित रह सकती है। शिमला के लिए IMD के पूर्वानुमान में 18 सितंबर को गरज के साथ बारिश और उसके बाद हल्की बारिश या आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है।

धर्मशाला में भी 17 सितंबर को गरज के साथ बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि 18 और 19 सितंबर को हल्की बारिश और 20-21 सितंबर को मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है।

धर्मशाला में सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटों में हिमाचल के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। इनमें कांगड़ा जिले का धर्मशाला सबसे आगे रहा, जहां 60 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद कुल्लू के कोठी में 36.2 मिलीमीटर, मंडी के सुंदरनगर में 28.5 मिलीमीटर और बिलासपुर के ओलिंडा में 23.6 मिलीमीटर बारिश हुई। कांगड़ा, सुंदरनगर, मुरारी देवी, जोत और पालमपुर में गरज-चमक के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी दर्ज की गईं।

61 सड़कें अभी भी बंद

बारिश और भूस्खलन का असर प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार भूस्खलन के कारण 61 सड़कें बंद हैं। इनमें मंडी में सबसे ज्यादा 28, कुल्लू में 12 और कांगड़ा में 10 सड़कें प्रभावित हैं। मंडी के कई इलाकों में ट्रांसफार्मर प्रभावित होने से बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।

बारिश से 3211 करोड़ रुपये का नुकसान

इस मानसून सीजन में हिमाचल को बारिश से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक 30 जून से अब तक करीब 3211 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। इसमें जल शक्ति विभाग को अकेले लगभग 2711 करोड़ रुपये का नुकसान बताया गया है। मानसून से जुड़ी घटनाओं में 303 लोगों की मौत और 525 लोगों के घायल होने की भी रिपोर्ट है।

इस बीच प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान 129 घर, 17 दुकानें और 470 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि 502 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। अब मौसम विभाग की नजर मानसून की विदाई पर है। इस महीने के अंतिम सप्ताह में प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की संभावना जताई गई है।