Shimla Census 2026: शिमला में 12 हजार मकान मिले खाली, 7 हजार घरों पर लटके ताले; सर्वे पूरा होने पर बढ़ सकता है आंकड़ा
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में चल रही डिजिटल भवन गणना 2026 के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे के करीब 80 फीसदी काम पूरा होने के बाद पता चला है कि शहर के हजारों मकान खाली पड़े हैं। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, शिमला के 72 हजार पंजीकृत भवनों में से करीब 12 हजार मकान पूरी तरह खाली मिले हैं, जबकि 7 हजार घरों पर ताले लटके हुए हैं।
प्रशासन का अनुमान है कि डिजिटल भवन गणना का काम पूरा होने के बाद खाली मकानों की संख्या 15 हजार से अधिक पहुंच सकती है।
शिमला में बढ़ रहे खाली मकानों की संख्या
राजधानी शिमला में खाली मकानों की बढ़ती संख्या ने प्रशासन और विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। सर्वे के दौरान कई ऐसे भवन मिले हैं, जिनमें लंबे समय से कोई रह नहीं रहा है।
इनमें कुछ मकान ऐसे हैं जो पूरी तरह बंद पड़े हैं, जबकि कुछ भवनों का इस्तेमाल केवल कभी-कभार किया जाता है।
डिजिटल सर्वे से जुटाई जा रही जानकारी
शिमला में भवन गणना का काम डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। इसमें हर भवन की स्थिति, उपयोग, मालिकाना हक और उसमें रहने वाले लोगों से जुड़ी जानकारी दर्ज की जा रही है।
इस सर्वे का उद्देश्य शहर की वास्तविक आबादी, आवासीय स्थिति और भविष्य की शहरी योजनाओं के लिए सही आंकड़े तैयार करना है।
खाली मकानों से जुड़े कारणों पर मंथन
विशेषज्ञों के अनुसार, शिमला में खाली मकानों की संख्या बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें पलायन, पुराने मकानों का इस्तेमाल न होना, संपत्ति विवाद और कुछ मकानों का केवल पर्यटन या छुट्टियों के दौरान उपयोग किया जाना शामिल है।
शहर में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत भी लोगों के दूसरे स्थानों पर जाने की एक वजह मानी जा रही है।
सर्वे पूरा होने के बाद साफ होगी तस्वीर
अभी डिजिटल भवन गणना का काम पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। प्रशासन का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही खाली और बंद मकानों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो पाएगी।
भवन गणना के अंतिम आंकड़े शिमला के विकास, आवास नीति और भविष्य की शहरी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।