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हिमाचल में बारिश और बर्फबारी से बढ़ी ठंड, 61 सड़कें और बिजली सेवाएं प्रभावित; कब मिलेगी राहत?

 

हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ गई है। खराब मौसम का असर जनजीवन के साथ सड़क और बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। भूस्खलन के कारण कई सड़क मार्ग बंद हुए हैं, जबकि बिजली के ट्रांसफार्मर प्रभावित होने से कुछ इलाकों में आपूर्ति बाधित हुई है।

राज्य में बारिश और भूस्खलन के कारण बड़ी संख्या में सड़कें प्रभावित हुई हैं। हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार अलग-अलग समय पर 60 से अधिक सड़कें बंद हुई थीं। कई जगहों पर पहाड़ियों से मलबा और पत्थर सड़क पर आने के कारण यातायात रोकना पड़ा। संबंधित विभाग की टीमें मशीनरी की मदद से सड़कों को खोलने के काम में जुटी हैं।

ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण ठंड का असर और बढ़ गया है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे क्षेत्रों में तापमान काफी नीचे पहुंच गया है। मौसम में आए बदलाव के कारण सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा महसूस की जा रही है। वहीं बारिश वाले इलाकों में लोगों की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।

अब लोगों की नजर मौसम विभाग के अगले अपडेट पर है कि आखिर मौसम कब साफ होगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 1 से 4 अक्टूबर तक मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। इसके बाद 5 और 6 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड का असर बना रह सकता है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही सफर करने की सलाह दी जाती है।

मानसून की भी अब हिमाचल प्रदेश से विदाई की स्थिति बन रही है। IMD के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

हालांकि 5 और 6 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ क्षेत्रों में बारिश होने का अनुमान है। इसलिए मानसून की विदाई के बावजूद मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की स्थिति तुरंत नहीं बन सकती। स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कुछ इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी रह सकती है।

फिलहाल प्रशासन बंद सड़कों को बहाल करने और बिजली व्यवस्था को सामान्य करने में जुटा है। लोगों से संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर सावधानी बरतने और मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की जा रही है। आने वाले दिनों में मौसम साफ होने के साथ सड़क और बिजली सेवाओं में भी धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है।