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हिमाचल में सेब की खरीद कीमत बढ़ी, 13 रुपये किलो हुआ रेट; दिसंबर से दूध का समर्थन मूल्य भी बढ़ेगा

 

हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों और पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को दो अहम घोषणाएं कीं। शिमला जिले के रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के चिड़गांव में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने मंडी मध्यस्थता योजना यानी एमआईएस के तहत सेब की खरीद कीमत में एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब सरकार एमआईएस के तहत सेब 12 रुपये के बजाय 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदेगी।

एमआईएस के तहत 13 रुपये किलो में होगी सेब खरीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेब उत्पादकों को राहत देने के उद्देश्य से खरीद मूल्य बढ़ाया गया है। नई दर के तहत मंडी मध्यस्थता योजना में शामिल सेब की सरकारी खरीद 13 रुपये प्रति किलो के हिसाब से की जाएगी। इससे सेब सीजन के दौरान सरकारी खरीद व्यवस्था में शामिल बागवानों को बढ़ी हुई दर का लाभ मिलेगा।

राज्य सरकार पहले भी सेब उत्पादकों के लिए यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था लागू करने की बात कह चुकी है। सरकार का कहना है कि ऐसे कदमों का उद्देश्य बागवानों की आय को मजबूत करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।

1 दिसंबर से बढ़ेगा दूध का समर्थन मूल्य

मुख्यमंत्री सुक्खू ने दूध उत्पादकों और पशुपालकों के लिए भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की जाएगी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, नई दर 61 रुपये प्रति लीटर होगी, जो मौजूदा 51 रुपये की दर से 10 रुपये अधिक है।

सरकार ने इन फैसलों को किसानों, बागवानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से जोड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

चिड़गांव में कई अन्य घोषणाएं

चिड़गांव की जनसभा में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए कई अन्य घोषणाएं भी कीं। इनमें संदासू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल में अपग्रेड करने, समरकोट में सब-तहसील खोलने और चिड़गांव में एसडीएम कार्यालय के लिए सर्वे कराने की घोषणा शामिल है। इसके अलावा जांगला और चिड़गांव के स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की बात भी कही गई।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान चिड़गांव में करीब 182.87 करोड़ रुपये की लागत वाली 61 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास भी किए। सेब की खरीद कीमत और दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की घोषणाओं को हिमाचल के ग्रामीण और कृषि आधारित क्षेत्रों से जोड़कर देखा जा रहा है।