हिमाचल में बड़े आंदोलन की तैयारी, शिमला समेत 25 जगहों पर प्रदर्शन; 26 नवंबर से देशव्यापी आंदोलन का ऐलान
हिमाचल प्रदेश में मजदूरों और किसानों से जुड़े संगठनों ने एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। सीटू और हिमाचल किसान सभा के आह्वान पर सोमवार को शिमला समेत प्रदेश के 25 स्थानों पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई गई और विभिन्न मांगों को लेकर विरोध जताया गया।
आंदोलनकारी संगठनों ने अब अपनी मांगों को लेकर संघर्ष को और तेज करने का ऐलान किया है। इसके तहत 26 नवंबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई है।
25 स्थानों पर हुआ प्रदर्शन
सीटू और हिमाचल किसान सभा के आह्वान पर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। शिमला सहित करीब 25 स्थानों पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को उठाया गया।
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। संगठनों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
26 नवंबर से देशव्यापी आंदोलन
प्रदेश स्तर के प्रदर्शन के बाद अब आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी है। संगठनों ने 26 नवंबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है।
इस आंदोलन में देशभर के मजदूरों और किसानों से जुड़े संगठनों की भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है। हिमाचल में सोमवार को हुए प्रदर्शन को इसी आगामी आंदोलन की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
सरकार के खिलाफ बढ़ेगा दबाव
मजदूर और किसान संगठन लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाते रहे हैं। अब 26 नवंबर से प्रस्तावित देशव्यापी आंदोलन के जरिए इन मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी है।
संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। आने वाले दिनों में आंदोलन की रणनीति और कार्यक्रम को लेकर और घोषणाएं की जा सकती हैं।
हिमाचल में भी बढ़ सकती है सक्रियता
सोमवार को 25 स्थानों पर हुए प्रदर्शन के बाद हिमाचल प्रदेश में भी आंदोलन की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। सीटू और हिमाचल किसान सभा के कार्यकर्ता आगामी देशव्यापी आंदोलन को सफल बनाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां कर सकते हैं।
फिलहाल सोमवार के प्रदर्शन के बाद संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के बजाय आंदोलन को व्यापक रूप देने की तैयारी में हैं। 26 नवंबर से शुरू होने वाला देशव्यापी आंदोलन कितना बड़ा रूप लेता है, इस पर अब सभी की नजर रहेगी।