डिजिटल ठगी का नया मामला: पीएम आवास योजना के फर्जी लिंक पर क्लिक कर लाखों का हुआ नुकसान
डिजिटल इंडिया के इस दौर में ठग अब सरकारी योजनाओं को भी अपना ठगी का माध्यम बना रहे हैं। जसवां परागपुर विस क्षेत्र के नलसूहा में एक व्यक्ति को पीएम आवास योजना के नाम पर बनाए गए फर्जी लिंक ने भारी नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के अनुसार, एक झटके में ही पीड़ित की जमापूंजी गायब हो गई और उसकी करीब सात लाख रुपये की एफडी ठगों के हाथ लग गई।
स्थानीय पुलिस और पीड़ित ने बताया कि ठगों ने व्यक्ति का मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद बैंक को समय पर सूचना देने के बावजूद ठगों ने व्यक्ति की एफडी पर कब्जा कर लिया। यह मामला डिजिटल ठगी की बढ़ती घटनाओं को उजागर करता है और दर्शाता है कि लोग सरकारी योजनाओं के नाम पर आने वाले फर्जी लिंक के प्रति कितना संवेदनशील हो सकते हैं।
पीड़ित ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैंने सोचा कि यह पीएम आवास योजना का लिंक है। एक क्लिक में मेरी सारी मेहनत की बचत चली गई। मैं बहुत परेशान हूं और लोगों को सचेत करना चाहता हूं कि वे ऐसे फर्जी लिंक पर कभी भी क्लिक न करें।”
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में ठग अत्यंत चालाक होते हैं। वे फर्जी वेबसाइट या लिंक के जरिए व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी और बैंक विवरण हासिल कर लेते हैं। इसके बाद मोबाइल और बैंक खातों को हैक करके अवैध लेन-देन कर लेते हैं। अधिकारी ने चेतावनी दी कि कोई भी सरकारी योजना या बैंक से संबंधित लिंक पर बिना पुष्टि किए क्लिक न करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल लेन-देन में सुरक्षा उपायों का पालन करना और किसी भी संदिग्ध लिंक को खोलने से पहले दो बार जांचना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एफडी या अन्य बैंक खातों की सुरक्षा के लिए दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA), बैंक द्वारा भेजे गए OTP को साझा न करना और लिंक की वैधता की जांच करना जरूरी है।
बैंक अधिकारियों ने भी नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध गतिविधि का पता चले, तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें। साथ ही, उन्होंने कहा कि डिजिटल ठगी के मामलों में त्वरित रिपोर्टिंग से नुकसान की भरपाई की संभावना बढ़ जाती है।
जसवां क्षेत्र में यह पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ महीनों में डिजिटल ठगी के कई मामले सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए समय-समय पर अभियान और सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं।