हिमाचल से लौटा मॉनसून; 2 दिन झमाझम बारिश का येलो अलर्ट, कहां-कहां बरसेंगे बदरा?
हिमाचल प्रदेश से मॉनसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 3 अक्टूबर को विदा हो चुका है, लेकिन इसके कुछ ही दिन बाद कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 6 और 7 अक्टूबर को कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार 6 अक्टूबर को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली भी देखने को मिल सकती है। कई स्थानों पर हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
7 अक्टूबर को बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। इस दिन ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में मौसम खराब रहने का अनुमान है। इन जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हो सकती है। तेज हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया है कि 6 से 9 अक्टूबर के बीच प्रदेश के कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। बारिश और बर्फबारी के चलते पहाड़ी क्षेत्रों के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इससे सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ सकती है।
8 अक्टूबर को भी ऊना, बिलासपुर, सोलन, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। वहीं 9 अक्टूबर को मंडी, शिमला और सिरमौर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 अक्टूबर को भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है, हालांकि इन दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि इस साल हिमाचल में मॉनसून सामान्य समय से करीब आठ दिन देर से विदा हुआ। मॉनसून की सामान्य विदाई की तारीख 25 सितंबर मानी जाती है, जबकि इस साल 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से इसकी वापसी हुई। जून से सितंबर के दौरान प्रदेश में सामान्य से करीब 11 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई।
मौसम में इस बदलाव का असर पर्यटन, यातायात और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना जरूरी होगा।
मॉनसून की विदाई के तुरंत बाद बारिश का यह दौर हिमाचल में ठंड बढ़ने का संकेत भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।