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किन्नौर में बड़ा लैंडस्लाइड, शोंगटोंग पावर प्रोजेक्ट साइट पर मचा हड़कंप; फुटेज में देंखे मजदूरों ने भागकर बचाई जान

 

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर में शुक्रवार सुबह एक बड़ा भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना पोवारी क्षेत्र में स्थित शोंगटोंग पावर प्रोजेक्ट की बैराज साइट पर हुई, जहां अचानक पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा नीचे गिर गया।

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जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह करीब साढ़े 10 बजे की है, जब निर्माण कार्य सामान्य रूप से चल रहा था। तभी अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। इस दौरान साइट पर मौजूद मजदूरों ने तेजी से भागकर अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।भूस्खलन के बाद पूरे इलाके में धूल का घना गुबार फैल गया और कुछ ही सेकंड में दृश्यता लगभग शून्य हो गई। घटना का एक डरावना वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पहाड़ी से लगातार मलबा गिरता हुआ और कई पेड़ों के टूटकर नीचे बहते हुए देखा जा सकता है। यह दृश्य इतना तेज और भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग घबरा गए।

शोंगटोंग पावर प्रोजेक्ट की बैराज साइट पर चल रहे निर्माण कार्य को इस भूस्खलन से आंशिक नुकसान पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह की जानमाल की बड़ी क्षति नहीं हुई।स्थानीय प्रशासन और परियोजना प्रबंधन की टीम ने घटना के बाद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। शुरुआती आकलन में माना जा रहा है कि पहाड़ी क्षेत्र में लगातार जारी निर्माण कार्य और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह भूस्खलन हुआ हो सकता है, हालांकि आधिकारिक जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।

गौरतलब है कि किन्नौर जैसे ऊंचे और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून और निर्माण गतिविधियों के दौरान भूस्खलन की घटनाएं आम हो जाती हैं। ऐसे में विशेषज्ञ अक्सर इन इलाकों में निर्माण कार्य के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।फिलहाल, प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, परियोजना स्थल पर काम अस्थायी रूप से रोक दिए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में चल रही बड़ी निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।