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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद भूस्खलन ने मचाई तबाही! 38 सड़कें पूरी तरह बंद कई गांवों का संपर्क टूटा, बिजली और इंटरनेट सेवा भी ठप

 

रविवार रात से सराज विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र को आपातकाल जैसे हालात में पहुंचा दिया है। चैल चौक-जंजहैली मार्ग पर भारी भूस्खलन और चट्टानें गिरने से सैकड़ों लोग फंस गए हैं। सोमवार सुबह तक 38 सड़कें पूरी तरह बंद रहीं, जबकि करीब 98 ट्रांसफार्मर खराब होने से आधा सराज अंधेरे में रहा।

सड़कें बंद, मशीनें गायब
जंजहैली पीडब्ल्यूडी डिवीजन के तहत करीब 350 सड़कें हैं, जिनमें से 56 मुख्य सड़कें हैं। लेकिन इस समय पूरे डिवीजन में सिर्फ छह जेसीबी मशीनें ही तैनात हैं। वे भी पर्याप्त ईंधन और कर्मचारियों की कमी के कारण सुचारू रूप से काम नहीं कर पा रही हैं। रविवार रात को लंबाथाच-कलहनी मार्ग बंद हो गया था, जिसे खोलने के लिए स्थानीय लोगों ने सुबह सात बजे संपर्क किया, लेकिन मशीनें दोपहर एक बजे पहुंचीं।

98 ट्रांसफार्मर भी ठप
एसडीओ हरीश कुमार के अनुसार जंजैहली उपमंडल में कुल 240 ट्रांसफार्मर हैं, जिनमें से 98 पूरी तरह से खराब हैं। कई गांवों में 48 घंटे से बिजली नहीं है। इससे पेयजल आपूर्ति और मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ है। तहसीलदार रजत सेठी ने लोक निर्माण विभाग को युद्ध स्तर पर सड़कें बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

जंजहैली पीडब्ल्यूडी डिवीजन के अंतर्गत करीब 350 सड़कें हैं, जिनमें से 56 मुख्य सड़कें हैं। लेकिन इस समय पूरे डिवीजन में सिर्फ छह जेसीबी मशीनें ही तैनात हैं। वे भी पर्याप्त ईंधन और कर्मचारियों की कमी के कारण सुचारू रूप से काम नहीं कर पा रही हैं। रविवार रात को लंबाथाच-कलहनी सड़क बंद हो गई थी, जिसे खोलने के लिए स्थानीय लोगों ने सुबह 7 बजे संपर्क किया, लेकिन मशीनें दोपहर 1 बजे पहुंचीं।

98 ट्रांसफार्मर भी ठप
एसडीओ हरीश कुमार के अनुसार जंजैहली उपमंडल में कुल 240 ट्रांसफार्मर हैं, जिनमें से 98 पूरी तरह बंद रहे। कई गांवों में 48 घंटे से बिजली नहीं है। इससे पेयजल आपूर्ति और मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ है। तहसीलदार रजत सेठी ने लोक निर्माण विभाग को युद्ध स्तर पर सड़कें बहाल करने के निर्देश दिए हैं।