कालका-शिमला हेरिटेज रेललाइन पर फिर संकट, पानी से निर्माणाधीन डंगा क्षतिग्रस्त; मरम्मत कार्य प्रभावित
विश्व प्रसिद्ध कालका-शिमला हेरिटेज रेललाइन पर एक बार फिर बारिश ने परेशानी खड़ी कर दी है। लगातार पानी आने के कारण टकसाल-गुम्मन के बीच निर्माणाधीन डंगा (रिटेनिंग वॉल) क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे रेललाइन की मरम्मत और बहाली का काम प्रभावित हुआ है।
निर्माणाधीन डंगे को पहुंचा नुकसान
जानकारी के अनुसार, कालका-शिमला रेलवे ट्रैक के टकसाल और गुम्मन स्टेन के बीच डंगे का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान पानी के तेज बहाव के कारण निर्माणाधीन संरचना को नुकसान पहुंचा। इससे रेलवे कर्मचारियों के सामने दोबारा चुनौती खड़ी हो गई है।रेलवे की टीम मौके पर स्थिति का जायजा लेकर आगे की कार्रवाई में जुटी है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और सुरक्षा इंतजामों को लेकर काम किया जा रहा है।
पहले भी बारिश से प्रभावित हुई थी रेल सेवा
कालका-शिमला हेरिटेज रेललाइन इस मानसून में कई बार प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में आ चुकी है। भारी बारिश, भूस्खलन और मिट्टी खिसकने के कारण कई जगहों पर ट्रैक को नुकसान पहुंचा है।बारिश के कारण इस ऐतिहासिक रेलमार्ग पर परिचालन को कई बार रोकना पड़ा है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे बेहद सावधानी के साथ ट्रेनों का संचालन कर रहा है।
धर्मपुर से शिमला तक चल रही ट्रेन
फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में पूरी तरह सामान्य संचालन बहाल नहीं हो पाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अभी धर्मपुर से शिमला तक एक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ही आगे की सेवाओं को लेकर फैसला लिया जाएगा।
यूनेस्को की विश्व धरोहर है यह रेललाइन
कालका-शिमला रेलवे देश की ऐतिहासिक धरोहर रेल लाइनों में शामिल है। वर्ष 2008 में इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। यह करीब 96 किलोमीटर लंबा पहाड़ी रेल मार्ग है, जो अपनी खूबसूरत वादियों, सुरंगों और पुलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
रेलवे की ओर से यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन संचालन की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन और ट्रैक को नुकसान पहुंचने की संभावना बनी रहती है।कालका-शिमला हेरिटेज रेललाइन पर डंगा क्षतिग्रस्त होने से एक बार फिर मरम्मत कार्य प्रभावित हुआ है। रेलवे की टीमें स्थिति को सामान्य करने में जुटी हैं, जबकि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।