पश्चिम एशिया में फंसे हिमाचलवासी सुरक्षित लौटेंगे, मंत्री चौहान ने आश्वासन दिया
हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सोमवार को स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद पश्चिम एशिया में फंसे किसी भी हिमाचलवासी नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
मंत्री ने यह भी बताया कि उड़ानें फिर से शुरू होने के बाद जो लोग भारत लौटना चाहते हैं, उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के संपर्क में है और फंसे नागरिकों की स्थिति पर नजर रख रही है।
इस दौरान मंत्री ने परिवारों और परिजनों को भी शांत रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी अफवाह या अनिश्चित जानकारी पर ध्यान न दें और केवल सरकारी सूत्रों और आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति में भारत सरकार और राज्य सरकारों की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन योजना फंसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है। हिमाचल प्रदेश की सरकार ने फंसे नागरिकों के सूचीकरण और निगरानी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हिमाचलवासी नागरिकों के परिवारों ने भी मंत्री के बयान को राहत देने वाला बताया। कई लोगों ने कहा कि यह सुनिश्चित करने से कि उनके परिजन सुरक्षित हैं, उन्हें मानसिक शांति मिली है।
पश्चिम एशिया में भारत के नागरिकों के लिए विशेष उड़ानें और सहायता दल तैयार हैं। ये दल फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने और स्वास्थ्य और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने में सक्रिय हैं। मंत्री चौहान ने बताया कि राज्य सरकार इस प्रक्रिया में हर स्तर पर सहयोग कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे संकट के समय सरकारी आश्वासन और सक्रियता नागरिकों के विश्वास को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी नागरिक बिना सुरक्षा के वहां नहीं रहे।
मंत्री चौहान ने लोगों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि जैसे ही उड़ानें नियमित होंगी, फंसे नागरिकों को चरणबद्ध तरीके से भारत लौटाया जाएगा।
इस तरह, हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री का बयान न केवल सुरक्षा की गारंटी देता है, बल्कि पश्चिम एशिया में फंसे नागरिकों और उनके परिवारों को शांति और आश्वासन भी प्रदान करता है।