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हाईकोर्ट का निर्देश: कर्मचारियों के मामले में सरकार छह हफ्तों में ले फैसला, भेदभाव के आरोपों पर सुनवाई

 

एक मामले में हाईकोर्ट ने सरकार को कर्मचारियों से जुड़े विवाद पर छह हफ्तों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने संबंधित रिट याचिकाओं का एक साथ निपटारा करते हुए सरकार से मामले पर विचार कर उचित फैसला लेने को कहा है।कर्मचारियों की ओर से अदालत में भेदभाव का आरोप लगाया गया था। उनका कहना था कि उनके साथ समान व्यवहार नहीं किया जा रहा है और कुछ मामलों में नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है।

कर्मचारियों ने उठाया भेदभाव का मुद्दा

याचिकाकर्ता कर्मचारियों ने कोर्ट में अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि उन्हें अन्य कर्मचारियों की तुलना में अलग व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने मांग की थी कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित समाधान निकाले और सभी कर्मचारियों के साथ समान नीति अपनाई जाए।

कोर्ट ने सरकार को दिया निर्देश

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने रिट याचिकाओं का निपटारा करते हुए सरकार को निर्देश दिया कि वह कर्मचारियों की मांगों और दलीलों पर विचार करे।कोर्ट ने कहा कि सरकार को निर्धारित समय सीमा के अंदर इस मामले में फैसला लेना होगा।

छह सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, सरकार को अब छह सप्ताह के भीतर कर्मचारियों की शिकायतों पर निर्णय लेना होगा।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर नियमों और तथ्यों के आधार पर विचार किया जाए।

कर्मचारियों को राहत की उम्मीद

कोर्ट के निर्देश के बाद कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। हालांकि, अंतिम फैसला अब सरकार की ओर से लिया जाएगा।सरकार के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों की मांगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।