हिमाचल के विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी: उच्च शिक्षा के लिए मिलेगा सस्ता लोन, बैंकों को आनाकानी न करने के निर्देश
हिमाचल प्रदेश के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का सपना अब और आसान होने जा रहा है। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को सस्ती दरों पर शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पात्र छात्रों को लोन देने में किसी तरह की देरी या आनाकानी न की जाए।
अक्सर देखा गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर या मध्यम वर्गीय परिवारों के मेधावी छात्र फीस और अन्य खर्चों के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। बैंकिंग प्रक्रियाओं की जटिलता और गारंटी की शर्तों के चलते कई छात्रों को समय पर ऋण नहीं मिल पाता था। अब सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए बैंकों को संवेदनशील रवैया अपनाने के लिए कहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, शिक्षा ऋण योजना के तहत विद्यार्थियों को कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे देश और विदेश के शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर सकें। खास तौर पर गरीब और जरूरतमंद छात्रों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
सरकार ने कहा है कि बैंक शाखाएं छात्रों से अनावश्यक दस्तावेज या अतिरिक्त गारंटी की मांग न करें। पात्रता पूरी करने वाले छात्रों के आवेदन का त्वरित निपटारा किया जाए। लोन स्वीकृति में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के हजारों छात्रों को फायदा मिलेगा। इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट और प्रोफेशनल कोर्सेज की महंगी फीस अब छात्रों के लिए बाधा नहीं बनेगी। इससे उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और राज्य के युवाओं को बेहतर करियर के अवसर मिलेंगे।
छात्रों और अभिभावकों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सस्ती दरों पर लोन मिलने से पढ़ाई का बोझ कम होगा और प्रतिभाशाली छात्र अपने सपनों को साकार कर पाएंगे।
स्पष्ट है कि सरकार का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। अब देखना होगा कि बैंक इन निर्देशों को जमीनी स्तर पर कितनी गंभीरता से लागू करते हैं, ताकि हर जरूरतमंद छात्र तक योजना का लाभ पहुंच सके।