हिमाचल में रातभर कांपी धरती: तीन बार आए भूकंप के झटके, धर्मशाला में घरों में दरारें, अस्पताल की छत क्षतिग्रस्त
हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक भूकंप के लगातार तीन झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी। भूकंप की तीव्रता क्रमशः 5.0, 2.8 और 3.0 दर्ज की गई। झटकों के बाद कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए और देर तक दहशत का माहौल बना रहा।
सबसे तेज झटका 5.0 तीव्रता का
जानकारी के अनुसार, रात में आए पहले और सबसे शक्तिशाली भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई। इसके बाद 2.8 और 3.0 तीव्रता के दो अन्य झटके भी महसूस किए गए। भूकंप का असर प्रदेश के कई हिस्सों में देखा गया, विशेषकर कांगड़ा क्षेत्र में लोगों ने तेज कंपन महसूस किया।
धर्मशाला में घरों में आईं दरारें
Dharamshala और आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के झटकों से कुछ मकानों में दरारें आने की खबर है। हालांकि बड़े पैमाने पर किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन स्थानीय लोग भयभीत हैं।
पालमपुर अस्पताल की छत को नुकसान
Palampur में एक अस्पताल की छत को भी नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। छत का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से स्थिति का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
रातभर दहशत में रहे लोग
लगातार आए झटकों के कारण कई परिवार रातभर घरों से बाहर या खुले स्थानों पर रहे। लोगों ने सोशल मीडिया और स्थानीय समूहों के माध्यम से भूकंप की जानकारी साझा की और एक-दूसरे का हालचाल लिया।
प्रशासन ने शुरू किया आकलन
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। भवनों और सार्वजनिक संस्थानों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है।
भूकंप संभावित क्षेत्र में स्थित है हिमाचल
हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में आता है। विशेष रूप से कांगड़ा और आसपास का इलाका उच्च भूकंपीय जोन में शामिल है, जहां समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं।
फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार आए झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा।