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शिमला में एक करोड़ से ज्यादा की चोरी का माल हड़पने का आरोप, उत्तराखंड के दरोगा-सिपाही समेत 4 गिरफ्तार

 

हिमाचल प्रदेश के शिमला में हुई एक करोड़ रुपये से अधिक की चोरी के मामले में ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरी का सामान लेकर नेपाल भाग रहे आरोपियों को उत्तराखंड के रुद्रपुर में बॉर्डर चेकिंग के दौरान आबकारी विभाग की टीम ने पकड़ा था। आरोप है कि बरामद सोने के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान पुलिस को सौंपने के बजाय आबकारी विभाग के कर्मचारियों ने अपने पास रख लिया और आरोपियों को छोड़ दिया। मामले में उत्तराखंड आबकारी विभाग के दरोगा और सिपाही समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, शिमला के एक होटल कारोबारी के घर से सोने-हीरे के गहने, चांदी के सिक्के, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी हुआ था। पुलिस ने इस मामले में घर में काम करने वाली नेपाल मूल की युवती और उसके साथियों पर चोरी का शक जताया था। आरोपियों के नेपाल भागने के दौरान रुद्रपुर क्षेत्र में उनकी गाड़ी को चेकिंग के लिए रोका गया। तलाशी में चोरी का सामान बरामद हुआ।

आरोप है कि चेकिंग के बाद आबकारी विभाग के कर्मचारियों ने बरामद सामान को पुलिस के हवाले नहीं किया। इसके बजाय चोरी के माल का कुछ हिस्सा अपने पास रख लिया और आरोपियों को छोड़ दिया। बाद में आरोपियों में शामिल युवती नेपाल पहुंची और उसने फोन कर अपनी मालकिन को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसी जानकारी के बाद शिमला पुलिस को रुद्रपुर में चोरी के सामान के बारे में सुराग मिला।

जांच के दौरान शिमला पुलिस ने रुद्रपुर पहुंचकर स्थानीय पुलिस की मदद से बॉर्डर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर आबकारी विभाग के उप आबकारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार, कांस्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मचारी पप्पू लाल और पीआरडी जवान नईम की पहचान हुई। इसके बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, चोरी की संपत्ति का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बरामद किया जा चुका है। बरामद सामान में कीमती आभूषण और अन्य वस्तुएं शामिल हैं। आरोपियों को शिमला लाए जाने के बाद अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर चोरी के माल के बंटवारे और मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है।

मामले में आबकारी विभाग के दरोगा और कांस्टेबल को निलंबित भी किया गया है। वहीं अन्य दो कर्मचारियों के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की सिफारिश की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद चोरी के माल में से कितना सामान किसके पास गया और इस पूरे घटनाक्रम में और कौन-कौन लोग शामिल थे।