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बल्लभगढ़ में ढाई साल की बच्ची पुराने बोरवेल में गिरी, NDRF ने संभाला रेस्क्यू ऑपरेशन

 

फरीदाबाद के बल्लभगढ़ क्षेत्र में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया। सिही गांव में करीब ढाई साल की बच्ची खेलते समय एक पुराने बोरवेल में गिर गई। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर हड़कंप मच गया। परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू कराया गया।

बच्ची के बोरवेल में गिरने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर लोगों को दूर रखने की कोशिश की, ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए। बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन और बचाव दलों को भी सक्रिय किया गया।

पुराने बोरवेल में गिरी बच्ची

बताया जा रहा है कि सिही गांव में यह पुराना बोरवेल काफी समय से इस्तेमाल में नहीं था। रविवार शाम बच्ची वहां पहुंच गई और अचानक उसमें गिर गई। बच्ची के गिरने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने शोर मचाया और आसपास के लोगों को बुलाया।

ग्रामीणों ने तत्काल बच्ची को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन बोरवेल की स्थिति और गहराई को देखते हुए विशेषज्ञ बचाव दल की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली।

NDRF टीम को बुलाया गया

बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम के पहुंचने के बाद विशेषज्ञों की मदद से बचाव अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। रेस्क्यू टीम बोरवेल की स्थिति का आकलन कर बच्ची तक सुरक्षित तरीके से पहुंचने की कोशिश कर रही है।

बचाव अभियान के दौरान यह ध्यान रखा जा रहा है कि बच्ची को किसी तरह की चोट न पहुंचे। इसके साथ ही बोरवेल के आसपास मिट्टी खिसकने या अन्य खतरे को देखते हुए भी सावधानी बरती जा रही है।

मौके पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी

घटना की सूचना के बाद पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इलाके में लोगों की भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है। परिजनों की नजर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन पर बनी हुई है और सभी बच्ची के सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद कर रहे हैं।

फिलहाल बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है। NDRF और स्थानीय टीमों की कोशिश है कि बिना किसी जोखिम के बच्ची को जल्द से जल्द बोरवेल से बाहर निकाला जाए। प्रशासन की ओर से भी घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।

यह घटना एक बार फिर खुले और पुराने बोरवेल को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। ऐसे बोरवेल को समय रहते बंद या सुरक्षित तरीके से ढकना जरूरी है, ताकि बच्चों और अन्य लोगों के साथ इस तरह के हादसे न हों।