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सरकारी कन्या स्कूल में शिक्षक पर छेड़छाड़ के आरोप, जांच शुरू

 

हरियाणा के गुरुग्राम स्थित जैकबपुरा क्षेत्र के एक सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्कूल की 9वीं कक्षा की कई छात्राओं ने एक शिक्षक पर छेड़छाड़ और अनुचित टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

मामले की जानकारी के अनुसार, छात्राओं ने स्कूल प्रशासन को लिखित और मौखिक रूप से शिकायत दी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित शिक्षक का व्यवहार लंबे समय से असहज करने वाला था। शिकायत में यह भी कहा गया कि शिक्षक द्वारा कक्षा के दौरान और बाहर अनुचित टिप्पणियां की जाती थीं, जिससे छात्राएं मानसिक रूप से परेशान हो रही थीं।

शिकायत सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद जिला शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। वहीं पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई, जिसके बाद संबंधित धाराओं में जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई अभिभावकों ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसे मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही स्कूल में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने पर भी विचार किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में “पॉक्सो एक्ट” के तहत सख्त प्रावधान मौजूद हैं, जिनके तहत दोषियों को कठोर सजा हो सकती है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी होती है ताकि बच्चों का विश्वास और सुरक्षा बनी रहे।

फिलहाल, आरोपी शिक्षक से भी पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जा रही है और पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ देखा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर स्कूलों में सुरक्षित माहौल और निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर करती है, ताकि छात्राएं बिना किसी भय के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।