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अनशन के 26वें दिन भी सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, फुटेज में देंखे मेदांता अस्पताल में इलाज जारी; तीन-स्तरीय सुरक्षा के कड़े इंतजाम

 

पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के अनशन का गुरुवार को 26वां दिन पूरा हो गया। इस बीच गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से जारी ताजा हेल्थ बुलेटिन के अनुसार उनकी स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों ने बताया कि वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और उनके सभी जरूरी स्वास्थ्य संकेतक सामान्य सीमा में हैं।

डॉक्टरों ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन

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गुरुवार शाम मेदांता अस्पताल के डॉक्टर संजय दुरानी की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि सोनम वांगचुक की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। वह स्टेबल, अलर्ट और पूरी तरह से होश में हैं। अस्पताल के अनुसार उनके सभी वाइटल पैरामीटर सामान्य सीमा में हैं और उनका इलाज उनकी सूचित सहमति (Informed Consent) के आधार पर जारी रखा जा रहा है।डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है।

हाईकोर्ट के आदेश पर अस्पताल में कराया गया भर्ती

सोनम वांगचुक को दो दिन पहले हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले वह अनशन पर बैठे हुए थे। लंबा उपवास जारी रहने के कारण उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई थी, जिसके बाद उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में अस्पताल लाया गया।

अस्पताल में तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था

वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। मेदांता अस्पताल में थ्री-लेयर सिक्योरिटी लागू की गई है। अस्पताल परिसर और उसके आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए करीब 600 जवान तैनात किए गए हैं।सुरक्षा एजेंसियां अस्पताल में आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रख रही हैं और केवल अधिकृत लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

विपक्षी सांसदों को मिलने से रोका गया

बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP), झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और समाजवादी पार्टी (SP) के कुल 15 विपक्षी सांसद सोनम वांगचुक से मिलने मेदांता अस्पताल पहुंचे थे। हालांकि पुलिस ने उन्हें अस्पताल के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी और रास्ते में ही रोक दिया।इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन का कहना है कि अस्पताल में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

स्वास्थ्य और आंदोलन दोनों पर बनी नजर

सोनम वांगचुक के लंबे अनशन और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। डॉक्टर लगातार उनकी चिकित्सकीय निगरानी कर रहे हैं, वहीं उनके समर्थक भी उनके स्वास्थ्य में सुधार की कामना कर रहे हैं। आने वाले दिनों में उनकी सेहत और आंदोलन दोनों को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण बनी रहेगी।