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गुरुग्राम में पार्किंग विवाद ने लिया हिंसक रूप, रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन पर लोहे की रॉड से हमला

 

गुरुग्राम में पार्किंग को लेकर हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया। आरोप है कि एयरफोर्स के एक रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन पर पार्किंग अटेंडेंट ने लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घायल रिटायर्ड अधिकारी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति को लेकर चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया गया।

बताया जा रहा है कि पूरा विवाद गाड़ी पार्क करने की जगह को लेकर शुरू हुआ था। आरोप है कि रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन ने अपनी कार निर्धारित स्थान पर पार्क नहीं की थी। इसी बात को लेकर पार्किंग अटेंडेंट से उनकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया।

लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप

आरोप है कि कहासुनी के दौरान पार्किंग अटेंडेंट ने लोहे की रॉड उठाकर रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन पर हमला कर दिया। हमले में उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने घटना को देखा और बीच-बचाव की कोशिश की।

घटना के बाद घायल अधिकारी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने के साथ आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

पार्किंग की जगह को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत कार पार्क करने की जगह को लेकर हुई थी। पार्किंग अटेंडेंट ने कथित तौर पर रिटायर्ड अधिकारी से गाड़ी सही जगह खड़ी करने को कहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।

पार्किंग जैसे मामूली मुद्दे को लेकर विवाद का इस स्तर तक पहुंचना कई सवाल खड़े करता है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बहस के दौरान वास्तव में क्या हुआ और किस परिस्थिति में कथित तौर पर लोहे की रॉड से हमला किया गया।

पुलिस जांच में जुटी

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है, ताकि घटना के क्रम और हमले की पूरी तस्वीर सामने आ सके। इसके अलावा मौके पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद किस तरह बढ़ा और हमले के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई की जाती है। इस घटना ने एक बार फिर पार्किंग विवादों के दौरान संयम बरतने और मामूली कहासुनी को हिंसा में बदलने से रोकने की जरूरत को सामने ला दिया है।