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जाटूलुहारी शराब प्रकरण: ‘मस्ती माल्टा’ देसी शराब की लैब रिपोर्ट सही, प्रदेशभर से प्रतिबंध हटा

 

जाटूलुहारी गांव के शराब ठेके से जुड़ा मामला अब शांत होता नजर आ रहा है। मस्ती माल्टा देसी शराब के जिस बैच को लेकर आशंका जताई जा रही थी, उसकी लैब रिपोर्ट सही पाई गई है। जांच के दौरान शराब के केमिकल एनालिसिस में कोई खामी नहीं मिली है। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने संबंधित बैच पर प्रदेशभर में लगाई गई रोक को हटा लिया है।

आबकारी विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध मानी जा रही शराब के सैंपल को राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में भेजा गया था। लैब में किए गए विस्तृत परीक्षण में यह पुष्टि हुई कि शराब निर्धारित मानकों के अनुरूप है और इसमें किसी भी प्रकार का जहरीला या अवैध रसायन नहीं पाया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध हटाने का आदेश जारी कर दिया।

गौरतलब है कि हाल ही में जाटूलुहारी के शराब ठेके से बिक रही मस्ती माल्टा देसी शराब को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद एहतियातन प्रशासन ने संबंधित बैच की बिक्री पर पूरे प्रदेश में रोक लगा दी थी। साथ ही गांव में स्थित शराब ठेके को सील कर दिया गया था, ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।

लैब रिपोर्ट साफ आने के बाद गांव का सील किया गया शराब ठेका खोलने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। आबकारी विभाग ने संबंधित ठेकेदार को आवश्यक दिशा-निर्देशों के साथ ठेका संचालन दोबारा शुरू करने की अनुमति दे दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आगे भी शराब की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी रखी जाएगी।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यह कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया था। किसी भी तरह की लापरवाही से जनस्वास्थ्य को खतरा न हो, इसके लिए जांच पूरी होने तक कड़ा रुख अपनाया गया। अब रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है।

इस फैसले से जहां ठेकेदारों और शराब कारोबार से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी भ्रम की स्थिति खत्म हुई है। कई दिनों से ठेका बंद होने के कारण गांव में शराब की अवैध बिक्री बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही थी, जिसे अब नियंत्रित किया जा सकेगा।

आबकारी विभाग ने यह भी साफ किया है कि भविष्य में अगर किसी बैच को लेकर दोबारा शिकायत मिलती है तो तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि शराब की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।