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भ्रूण लिंग जांच कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार

 

पुलिस ने भ्रूण लिंग जांच कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई हरियाणा और राजस्थान दोनों राज्यों में फैल चुके इस गिरोह के खिलाफ की गई, जो अवैध रूप से गर्भस्थ शिशु की लिंग जांच कर लोगों से पैसे वसूलने का काम कर रहा था।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कोटपूतली (राजस्थान) में छापेमारी कर तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी हरियाणा और अन्य राज्यों में की गई। गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई आधिकारिक दस्तावेज और अवैध उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जो गिरोह की गतिविधियों का प्रमाण हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से अवैध भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात की योजनाओं में संलिप्त था। आरोपी महिला और पुरुषों को निशाना बनाते थे और उन्हें भ्रूण की लिंग बताकर आर्थिक लाभ कमाते थे। अब तक की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गिरोह ने कई परिवारों को गुमराह किया और नियमों की खुली अवहेलना की।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस ने उनके नेटवर्क और सहयोगियों की पहचान करने के लिए जांच तेज कर दी है। अधिकारी बता रहे हैं कि यह गिरोह हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में सक्रिय था और इसके द्वारा किए गए अवैध कामों का व्यापक असर पड़ता रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भ्रूण लिंग जांच अवैध है और इसे रोकने के लिए सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं। इस तरह के गिरोह न केवल कानून का उल्लंघन करते हैं, बल्कि समाज में लिंग संतुलन और सामाजिक नैतिकता को भी प्रभावित करते हैं। इस मामले में पुलिस की सक्रियता और अंतरराज्यीय जांच ने यह संदेश दिया है कि कोई भी अवैध गतिविधि बगैर पकड़ के नहीं रह सकती।

राजस्थान और हरियाणा पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया और कई स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से भविष्य में ऐसे गिरोहों को चेतावनी मिलेगी और अवैध भ्रूण लिंग जांच कराने वालों की गतिविधियों पर नियंत्रण किया जा सकेगा।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही, जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने किन किन अस्पतालों और लैब्स का इस्तेमाल किया और उनके पीछे कौन कौन से नेटवर्क थे।

इस मामले का खुलासा समाज और प्रशासन के लिए एक सख्त संदेश है कि भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। पुलिस और प्रशासन ने यह भी कहा कि समाज को जागरूक करना और ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करना प्राथमिकता है।

इस प्रकार, हरियाणा और राजस्थान में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर पुलिस ने अवैध भ्रूण लिंग जांच की एक बड़ी कड़ी तोड़ दी है। गिरफ्तार आरोपियों की मदद से जांच आगे बढ़ेगी और इस अवैध नेटवर्क के अन्य सदस्यों को पकड़ने की पूरी कोशिश की जाएगी।