फरीदाबाद में 8-10 साल नहीं, अब 3-4 साल में ही कार बेच रहे लोग, जानिए क्यों बदल रहा कार खरीदने का ट्रेंड
फरीदाबाद में लोगों के बीच पुरानी कारों को लंबे समय तक चलाने का चलन बदलता नजर आ रहा है। पहले वाहन मालिक अपनी कार को आमतौर पर 8 से 10 साल तक इस्तेमाल करने के बाद बेचते थे, लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग महज 3 से 4 साल में ही कार बदलने में रुचि दिखा रहे हैं। स्थानीय कार कारोबारियों के मुताबिक, इसके पीछे ईंधन की लागत, नई तकनीक और सीएनजी-इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग जैसे कई कारण हैं।
3-4 साल में कार बदलने का बढ़ा चलन
फरीदाबाद में पुरानी कारों की खरीद-बिक्री का बाजार तेजी से सक्रिय हो रहा है। शहर में 30 से अधिक कार शोरूम हैं और इनमें रोजाना करीब 120 से 150 कारों की बिक्री होने की बात सामने आई है। कारोबारियों के अनुसार, अब ग्राहक अपनी मौजूदा कार को लंबे समय तक रखने के बजाय कुछ साल इस्तेमाल करने के बाद उसे बेचकर नई गाड़ी लेने की रणनीति अपना रहे हैं।
इससे बाजार में तीन से चार साल पुरानी कारों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे वाहन उन खरीदारों के लिए आकर्षक हैं, जो नई कार की तुलना में कम कीमत में अपेक्षाकृत नई गाड़ी लेना चाहते हैं।
E20 पेट्रोल को लेकर भी सवाल
कार डीलरों के मुताबिक, कुछ पेट्रोल कार मालिक E20 पेट्रोल को लेकर इंजन, ईंधन प्रणाली और माइलेज से जुड़ी चिंताएं जाहिर कर रहे हैं। इसी वजह से कुछ लोग अपनी पुरानी पेट्रोल कारों को जल्दी बेचने का फैसला कर रहे हैं। हालांकि, वाहन विशेषज्ञों के अनुसार E20 का प्रभाव हर कार पर एक जैसा नहीं होता और यह मॉडल, इंजन, रखरखाव तथा ईंधन की गुणवत्ता समेत कई कारकों पर निर्भर करता है।
CNG और इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ी मांग
फरीदाबाद में कार खरीदारों का रुझान अब सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ भी बढ़ रहा है। पेट्रोल-डीजल पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले लोग सीएनजी कारों को पसंद कर रहे हैं। वहीं शहर के भीतर नियमित आवाजाही करने वाले कुछ खरीदार इलेक्ट्रिक कारों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
नई कारों में तकनीक, फीचर्स और माइलेज को लेकर लगातार बदलाव भी लोगों को जल्दी अपग्रेड करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
SUV का क्रेज भी बरकरार
फरीदाबाद के बाजार में सिर्फ छोटी कारों की मांग नहीं है। SUV और बड़ी गाड़ियों की लोकप्रियता भी बनी हुई है। सेकंड हैंड बाजार में Hyundai Creta, Kia Seltos, Mahindra Thar, Toyota Fortuner और Tata Nexon जैसी गाड़ियों की अच्छी मौजूदगी है।
कार खरीदने वाले अब केवल कीमत नहीं देखते, बल्कि माइलेज, सर्विस रिकॉर्ड, गाड़ी की कंडीशन, ईंधन का विकल्प और रीसेल वैल्यू को भी काफी महत्व दे रहे हैं।
पुरानी कारों का बाजार और मजबूत होने की उम्मीद
कम समय में कार बदलने का यह ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले दिनों में फरीदाबाद के सेकंड हैंड बाजार में 3-4 साल पुरानी कारों की उपलब्धता और बढ़ सकती है। इससे खरीदारों को अपेक्षाकृत नई कारें कम कीमत में मिलने के विकल्प बढ़ेंगे।
यानी फरीदाबाद में कार रखने की सोच धीरे-धीरे बदल रही है। जहां पहले लोग एक कार को 8-10 साल तक चलाना पसंद करते थे, वहीं अब नई तकनीक, ईंधन बचत और अपग्रेड की चाहत के चलते 3-4 साल में कार बदलने का ट्रेंड मजबूत होता दिखाई दे रहा है।