दिल्ली-मुंबई और KMP एक्सप्रेसवे किनारे अवैध निर्माण पर लगेगी रोक, हथीन में घोषित हुआ अतिरिक्त नियंत्रित क्षेत्र-दो
हरियाणा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से हो रहे अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सरकार ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हथीन क्षेत्र में अतिरिक्त नियंत्रित क्षेत्र-दो घोषित कर दिया है। इसके बाद एक्सप्रेसवे के आसपास होने वाले निर्माण और जमीन के इस्तेमाल पर सरकारी निगरानी और सख्त हो सकेगी।
सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य एक्सप्रेसवे के किनारे अनियोजित और अवैध निर्माण को नियंत्रित करना है। एक्सप्रेसवे के आसपास पिछले कुछ समय से जमीन की मांग बढ़ने के साथ व्यावसायिक और अन्य तरह की गतिविधियां भी तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में भविष्य में अनियोजित निर्माण से यातायात, सुरक्षा और क्षेत्र के नियोजित विकास से जुड़ी समस्याएं पैदा न हों, इसके लिए नियंत्रित क्षेत्र की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा रहा है।
निर्माण गतिविधियों पर रहेगी निगरानी
अतिरिक्त नियंत्रित क्षेत्र-दो घोषित होने के बाद संबंधित क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों पर नियमों के तहत निगरानी रखी जा सकेगी। किसी भी तरह के निर्माण, कॉलोनी विकसित करने या जमीन के उपयोग में बदलाव से पहले निर्धारित नियमों और अनुमति की प्रक्रिया का पालन करना होगा।
सरकार के इस कदम से एक्सप्रेसवे के किनारे बिना अनुमति होने वाले निर्माण पर रोक लगाने में प्रशासन को मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही भविष्य में विकसित होने वाले क्षेत्रों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने का रास्ता भी साफ होगा।
एक्सप्रेसवे के आसपास बढ़ रहा विकास
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और KMP एक्सप्रेसवे हरियाणा के कई इलाकों से होकर गुजरते हैं। इन प्रमुख मार्गों के कारण आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियों में तेजी आई है। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते एक्सप्रेसवे के आसपास जमीन की कीमतों और विकास की संभावनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि, तेजी से होने वाले विकास के साथ अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण की चुनौती भी सामने आती है। ऐसे में सरकार की ओर से नियंत्रित क्षेत्र घोषित करने का फैसला क्षेत्र के नियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अवैध निर्माण पर कार्रवाई का रास्ता होगा आसान
नियंत्रित क्षेत्र घोषित होने के बाद प्रशासन को नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। इससे एक्सप्रेसवे के आसपास भविष्य में होने वाले विकास को निर्धारित नियमों के अनुरूप रखने की कोशिश की जाएगी।
सरकार का यह कदम न केवल अवैध निर्माण रोकने, बल्कि एक्सप्रेसवे के आसपास सुरक्षित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।