हुड्डा ने पूछा, कर्ज पर श्वेत पत्र क्यों नहीं
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश को कर्ज में डुबो दिया है। उन्होंने कहा, "यही कारण है कि बार-बार मांग के बावजूद सरकार श्वेत पत्र जारी करने से भाग रही है।" "अगर श्वेत पत्र सामने आता है, तो सरकार के सभी झूठे आंकड़े और दावे उजागर हो जाएंगे। भाजपा ने प्रदेश को 5.16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डाल दिया है। 1966 से 2013-14 तक प्रदेश पर केवल 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज था, लेकिन आज आंतरिक कर्ज बढ़कर 3,52,819 रुपये (2025-26 के लिए अनुमानित) हो गया है।" उन्होंने दावा किया, "प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किसानों को देश में सबसे ज्यादा फसल का रेट, किसानों को सबसे सस्ती बिजली, शून्य ब्याज पर कर्ज, बुजुर्गों को सबसे ज्यादा पेंशन और मनरेगा मजदूरी दी। इसके बावजूद कर्ज का आंकड़ा 60,000 करोड़ रुपये तक सीमित रहा।" उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में भाजपा ने कोई बड़ी परियोजना नहीं लगाई। विधानसभा में सरसों खरीद की रसीद दिखाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का 24 फसलों पर एमएसपी देने का दावा झूठा है, क्योंकि रसीद से साफ है कि सरकार सरसों की एमएसपी नहीं दे रही है। उन्होंने कहा, "अर्थव्यवस्था और कर्ज से लेकर फसल खरीद तक के सारे आंकड़े उनके दावों की पोल खोल रहे हैं, लेकिन सरकार केवल मौखिक आय-व्यय को ही विकास मान रही है।"