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हरियाणा बजट: आम आदमी पार्टी का आरोप, महिलाओं के लिए पर्याप्त योजना नहीं

 

हरियाणा सरकार के 2026-27 वित्तीय बजट को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने बजट पर महिला कल्याण और योजनाओं की कमी को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि बजट के आंकड़े खुद यह दर्शा रहे हैं कि सरकार महिलाओं के लिए न तो कोई स्पष्ट नीयत रखती है और न ही पर्याप्त निधि आवंटित की गई है।

अनुराग ढांडा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अभी तक बजट के तहत केवल लगभग 9 लाख महिलाओं को ही लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान और भरोसे के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि बजट इस तरह से तैयार किया गया है कि यह केवल आंकड़ों में महिलाओं की भागीदारी दिखाता है, जबकि वास्तविक लाभ बहुत सीमित है।

AAP के मुताबिक, बजट में महिलाओं के लिए बनाई गई योजनाएं सांकेतिक और अपर्याप्त हैं। ढांडा ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में सरकार को और कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर राज्य वास्तव में महिलाओं के हित में काम करना चाहता है, तो बजट में उपयुक्त निधि और ठोस योजनाओं का समावेश होना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि बजट में महिलाओं के लिए आवंटित राशि और योजनाओं का विश्लेषण करना जरूरी है। केवल संख्याओं के आधार पर लाभ का आंकलन करना पर्याप्त नहीं है। उन्हें प्रभावशीलता और पहुंच के आधार पर भी देखा जाना चाहिए। अनुराग ढांडा ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार का ध्यान केवल आंकड़ों और प्रचार पर केंद्रित है, जबकि महिलाओं के वास्तविक कल्याण और सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है।

हरियाणा बजट में महिलाओं के लिए विभिन्न सामाजिक और कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र है, लेकिन उनकी व्यावहारिकता और लाभार्थियों की संख्या सीमित होने के कारण AAP ने इसे आलोचना का विषय बनाया है। पार्टी ने कहा कि राज्य सरकार को महिला कल्याण और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देनी चाहिए और केवल औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट पर इस तरह की आलोचना राजनीतिक बहस और विपक्ष की सक्रियता को बढ़ा सकती है। महिलाओं के हित में बजट का प्रभावी और व्यापक होना न केवल सामाजिक न्याय के लिए आवश्यक है, बल्कि सरकार की विश्वसनीयता के लिए भी अहम है।

इस घटना से स्पष्ट है कि हरियाणा बजट पर सिर्फ वित्तीय आंकड़े ही नहीं, बल्कि उनकी सामाजिक और वास्तविक प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी का यह आरोप कि बजट महिलाओं के भरोसे और सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रहा है, राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।