सत्य निकेतन हादसे के बाद गुरुग्राम नगर निगम अलर्ट, जर्जर और अवैध इमारतों का शुरू हुआ सर्वे
दिल्ली के सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद गुरुग्राम नगर निगम भी सतर्क हो गया है। शहर में जर्जर और अवैध रूप से बनी इमारतों की पहचान के लिए निगम ने नया सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों से तीन दिन के भीतर नोटिस जारी की गई इमारतों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ऐसी इमारतों की स्थिति, कार्रवाई और सुरक्षा मानकों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
जर्जर इमारतों की होगी पहचान
नगर निगम की टीम शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर पुरानी, कमजोर और नियमों के खिलाफ बनी इमारतों की जांच करेगी। सर्वे के दौरान यह देखा जाएगा कि कौन-कौन सी इमारतें रहने के लिहाज से सुरक्षित हैं और किन पर कार्रवाई की जरूरत है।अधिकारियों का उद्देश्य किसी बड़े हादसे से पहले जोखिम वाली इमारतों की पहचान करना है।
नोटिस वाली इमारतों की मांगी गई सूची
निगम आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा है कि पिछले दिनों जिन इमारतों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनकी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।रिपोर्ट में इमारत का स्थान, मालिक की जानकारी, नोटिस का कारण और अब तक की गई कार्रवाई का विवरण शामिल किया जाएगा।
अवैध निर्माण पर भी होगी नजर
सर्वे के दौरान केवल जर्जर इमारतें ही नहीं, बल्कि अवैध निर्माणों की भी जांच की जाएगी। निगम यह पता लगाएगा कि किन क्षेत्रों में बिना अनुमति के निर्माण किया गया है।नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
हादसों को रोकने की कवायद
दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद देशभर में पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। इसी को देखते हुए गुरुग्राम नगर निगम ने भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है।निगम अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर सर्वे और जांच से संभावित हादसों को रोका जा सकता है।
रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
सर्वे पूरा होने के बाद निगम प्रशासन इमारतों की स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा। जरूरत पड़ने पर नोटिस, मरम्मत के निर्देश या अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।फिलहाल नगर निगम की टीमें शहर में ऐसी इमारतों का रिकॉर्ड तैयार करने में जुटी हैं।