गुरनाम सिंह चढ़ूनी का सरकार पर हमला, बोले- ‘देश का पेट पालने वालों पर बमबारी हुई, जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी यहीं रहेंगे’
किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश का पेट पालने वाले किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार किया गया। चढ़ूनी ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर सैकड़ों गोले दागे गए, पानी की बौछारें की गईं और लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में उनके पैर पर भी चोट आई है।
चढ़ूनी ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान किसी दूसरे देश के नागरिक नहीं हैं। उन्होंने कहा, "हम पाकिस्तानी नहीं हैं।" किसान नेता के मुताबिक, अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया।
‘सैकड़ों गोले दागे, पानी छोड़ा और लाठीचार्ज किया’
गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान किसानों को हटाने के लिए प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर सैकड़ों गोले दागे गए और पानी की बौछार की गई। इसके साथ ही लाठीचार्ज किए जाने का भी दावा किया।
चढ़ूनी ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान उनके पैर में भी चोट आई है। उन्होंने प्रदर्शन में मौजूद किसानों के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
‘मांगें नहीं मानीं तो यहीं रहेंगे’
किसान नेता ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "जब तक हमारी बात नहीं मानी जाएगी, हम यहीं रहेंगे।"
चढ़ूनी के इस बयान के बाद प्रदर्शन स्थल पर किसानों के बीच आगे की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई। किसान नेता ने आंदोलन को जारी रखने की बात कही है। हालांकि, प्रदर्शन से जुड़ी कार्रवाई और लगाए गए आरोपों पर प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल किसानों का प्रदर्शन जारी है और आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर मौके पर डटे हुए हैं। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे बातचीत होती है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।