घर में आर्थिक तंगी, बेटी सरोज के सपने बड़े, बोर्ड एग्जाम में हासिल किया तीसरा स्थान
राजनगर के नगूरां गांव निवासी एवं डीएन मॉडल स्कूल की छात्रा सरोज ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में आर्ट्स स्ट्रीम में 500 में से 494 अंक प्राप्त कर हरियाणा की ओवरऑल मेरिट सूची में तीसरा स्थान हासिल किया है। परमजीत और सुदेश की बेटी सरोज ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को भी पंख दिए।
सरोज का परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन
सरोज ने अपनी पढ़ाई में असाधारण प्रदर्शन किया। उन्होंने अंग्रेजी में 99, हिंदी में 96, भूगोल में 100, राजनीति विज्ञान में 99, अर्थशास्त्र में 100 और गणित में 94 अंक प्राप्त किये। इससे पहले सरोज ने 10वीं कक्षा में भी राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया था, जो सरोज की लगातार कड़ी मेहनत और प्रतिभा का प्रमाण है।
पिता कैंसर से लड़ रहे हैं
सरोज के पिता परमजीत परिवार का भरण-पोषण करने के लिए फलों का ठेला लगाते हैं और पिछले तीन वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। मां सुदेश गृहिणी हैं और सरोज तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी हैं। सरोज ने आईएएस अधिकारी दिव्या तंवर का एक प्रेरणादायक वीडियो देखने के बाद सिविल सेवा में शामिल होने का फैसला किया है। अब वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं।
स्वाध्याय और अनुशासन का परिणाम
सरोज ने अपनी पढ़ाई के लिए कोई ट्यूशन या कोचिंग नहीं ली। स्कूल से लौटने के बाद वह प्रतिदिन सात घंटे पढ़ाई करती और फिर घर के काम में अपनी मां की मदद करती। उसने सुबह 1 से 2 बजे तक पढ़ाई करके अपनी तैयारी मजबूत की। सरोज ने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। सरोज ने अपनी पढ़ाई के लिए यूट्यूब की मदद ली, जिसने उनकी बेटी की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परिवार का गौरव, बहनों की प्रेरणा
सरोज की मां सुदेश ने कहा कि वह अपनी बेटी की मेहनत और लगन से बहुत खुश हैं। सरोज न केवल पढ़ाई में बहुत अच्छी थी, बल्कि अपनी छोटी बहनों को भी पढ़ाती थी। परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद सरोज ने कभी हार नहीं मानी और अपने दृढ़ निश्चय से यह मुकाम हासिल किया।