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हरियाणा के ₹645 करोड़ के कथित गबन मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 14 ठिकानों पर छापेमारी; चंडीगढ़-मोहाली-पंचकूला में जांच

 

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने हरियाणा के सरकारी फंड में करीब 645 करोड़ रुपए के कथित गबन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में कुल 14 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। ED के मुताबिक मामले में सरकारी खातों से कथित तौर पर रकम निकालने, उसे अलग-अलग खातों के जरिए घुमाने और उसके स्रोत को छिपाने की जांच की जा रही है।

ED की जांच हरियाणा पुलिस की फरवरी 2026 में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। FIR में हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग से जुड़े बैंक खातों के बैलेंस में कथित गड़बड़ी का उल्लेख है। जांच में IDFC First Bank और AU Small Finance Bank में रखे गए सरकारी खातों से जुड़े लेन-देन भी सामने आए हैं।

14 ठिकानों पर एक साथ तलाशी

ED की टीमों ने 29 सितंबर को चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली। जांच के दायरे में कुछ ज्वेलर्स और उनसे जुड़ी संस्थाएं भी शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि कथित तौर पर गबन की गई रकम को विभिन्न बैंक खातों और संस्थाओं के माध्यम से आगे भेजा गया और उसे सामान्य कारोबारी लेन-देन के रूप में दिखाने की कोशिश की गई।

जांच में ऐसे लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है, जिन्होंने कथित तौर पर रकम को अलग-अलग खातों में भेजने और उसकी परतें बनाने में मध्यस्थ के तौर पर काम किया।

ज्वेलर्स के खातों में पहुंची रकम की जांच

ED की कार्रवाई के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार, कुछ ज्वेलर्स और उनसे जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों में बड़ी रकम पहुंचने की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी खातों से निकली कथित रकम किन-किन रास्तों से आगे बढ़ी और आखिरकार किन लोगों या संस्थाओं तक पहुंची।

2 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के मुताबिक तलाशी के दौरान करीब 4.30 करोड़ रुपए नकद बरामद कर जब्त किए गए और करीब 22 करोड़ रुपए के बैंक बैलेंस को फ्रीज किया गया। हालांकि, जांच अभी जारी है और एजेंसी बरामद दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है।

सरकारी खातों से जुड़ी गड़बड़ी की पड़ताल

मामले की शुरुआत हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग के बैंक खातों में बैलेंस को लेकर सामने आई कथित विसंगतियों से हुई। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और अन्य सरकारी खातों तथा चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े फंड की भी पड़ताल की गई। ED के आधिकारिक विवरण के अनुसार, कुल करीब 645 करोड़ रुपए के सार्वजनिक धन के कथित गबन से जुड़े लेन-देन की जांच की जा रही है।

एजेंसी अब बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित संस्थाओं के वित्तीय लेन-देन को खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य कथित रकम के पूरे प्रवाह और उससे जुड़े लाभार्थियों का पता लगाना है।

आगे भी हो सकती है कार्रवाई

ED की तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे और कार्रवाई हो सकती है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कथित तौर पर सरकारी धन को निकालने और उसके बाद उसे अलग-अलग खातों में भेजने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।

फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। सरकारी धन के कथित गबन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के आधार पर होगी।