दुष्यंत-सीआईए इंचार्ज पवन विवाद, आज हाईकोर्ट में सुनवाई, छात्र हित कमेटी की मांग पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं
हरियाणा की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में चर्चित दुष्यंत–सीआईए इंचार्ज पवन विवाद अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले की आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। विवाद के बीच छात्र हित में कमेटी गठित करने की मांग उठाई गई थी, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से मामला और गरमा गया है।
क्या है पूरा विवाद?
सूत्रों के अनुसार, मामला एक प्रशासनिक कार्रवाई और उसके बाद उठे आरोपों से जुड़ा हुआ है, जिसमें सीआईए इंचार्ज पवन की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए थे। इसी बीच राजनीतिक हस्तक्षेप और जवाबी बयानबाजी ने मामले को और संवेदनशील बना दिया।
पूर्व उपमुख्यमंत्री Dushyant Chautala का नाम भी इस विवाद से जुड़ने के बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया।
हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई
आज होने वाली सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें मामले की दिशा तय हो सकती है। याचिकाकर्ताओं की ओर से यह मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए एक स्वतंत्र कमेटी का गठन किया जाए।
कोर्ट में यह भी सवाल उठाया गया है कि इतनी संवेदनशील मांग के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
छात्र हित कमेटी की मांग अधर में
विवाद के बीच छात्र संगठनों और कुछ सामाजिक समूहों ने “छात्र हित कमेटी” बनाने की मांग की थी, ताकि पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
लेकिन अब तक इस मांग पर कोई आधिकारिक कदम नहीं उठाया गया है, जिससे छात्रों और संबंधित संगठनों में नाराजगी बढ़ रही है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
इस पूरे मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार इस मामले में देरी कर रही है और पारदर्शिता से बच रही है। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए सभी कदम कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही उठाए जाएंगे।
पुलिस और प्रशासन पर भी सवाल
विवाद के बाद पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि शुरुआती स्तर पर मामले को ठीक से नहीं संभाला गया, जिसके कारण यह विवाद बढ़ता चला गया।
आज की सुनवाई पर टिकी नजरें
अब सबकी नजरें हाईकोर्ट की आज की सुनवाई पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि कोर्ट के निर्देश इस मामले की दिशा तय कर सकते हैं और छात्र हित कमेटी के गठन को लेकर भी कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है।
फिलहाल, यह विवाद प्रशासनिक, कानूनी और राजनीतिक तीनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।