सूरजकुंड में सजेगा दिवाली मेले का रंग, CM नायब सिंह सैनी करेंगे उद्घाटन; 300 स्टॉलों पर दिखेगी देशभर की कला
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में सूरजकुंड दिवाली मेले का आयोजन होने जा रहा है। मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। इस आयोजन में देशभर के हस्तशिल्प, पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों की झलक देखने को मिलेगी। मेले में करीब 300 स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए कारीगर अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।
300 स्टॉलों पर दिखेगी देशभर की हस्तशिल्प कला
सूरजकुंड दिवाली मेले में आने वाले लोगों को भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं और हस्तशिल्प से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। करीब 300 स्टॉलों के माध्यम से अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक कलाकृतियां, सजावटी सामान और हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।
मेले में हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को अपने उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने और बिक्री करने का मंच मिलेगा। इससे पारंपरिक कला को प्रोत्साहन मिलने के साथ कारीगरों की आजीविका को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।
दिवाली की खरीदारी के लिए मिलेगा खास अवसर
दिवाली के अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले में लोग घर की सजावट, उपहार और पारंपरिक हस्तनिर्मित वस्तुओं की खरीदारी कर सकेंगे। विभिन्न क्षेत्रों के शिल्प उत्पादों की उपलब्धता से आगंतुकों को एक ही स्थान पर कई तरह की कलाओं और वस्तुओं को देखने का अवसर मिलेगा।
ऐसे आयोजन स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ लोगों को देश की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
पर्यटन और स्थानीय कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
सूरजकुंड पहले से ही अपने हस्तशिल्प मेलों के लिए प्रसिद्ध है। दिवाली मेले के आयोजन से फरीदाबाद में पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने की संभावना है। मेले में आने वाले लोगों के कारण आसपास के दुकानदारों, खानपान से जुड़े कारोबारियों और अन्य सेवा प्रदाताओं को भी लाभ मिल सकता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा मेले का उद्घाटन किए जाने से आयोजन को औपचारिक शुरुआत मिलेगी। हालांकि, मेले की सटीक तारीख, समय, प्रवेश शुल्क, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी आधिकारिक घोषणा के अनुसार देखी जानी चाहिए।
कुल मिलाकर, सूरजकुंड दिवाली मेला हस्तशिल्प, संस्कृति और त्योहारों की रौनक का संगम बनने जा रहा है। करीब 300 स्टॉलों के जरिए देशभर की कला को प्रदर्शित करने वाला यह आयोजन कारीगरों को मंच देने के साथ आगंतुकों के लिए दिवाली की खरीदारी और भारतीय परंपराओं को करीब से जानने का अवसर उपलब्ध करा सकता है।