हरियाणा में गेहूं खरीद में 2000 करोड़ के घोटाले का आरोप, अभय चौटाला ने सरकार पर साधा निशाना, बोले- किसानों को नहीं मिला हक
हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा विवाद सामने आया है। इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने राज्य में गेहूं खरीद प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि करीब 2000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और किसानों को अब तक उनका पूरा भुगतान नहीं मिला है।
Haryana में गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर उठे इस आरोप ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। अभय चौटाला ने दावा किया कि खरीद प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं और इसका सीधा नुकसान किसानों को भुगतना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि कई किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर नहीं किया गया, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। चौटाला ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र में लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण यह स्थिति बनी है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष ने सरकार से तत्काल जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
राज्य की गेहूं खरीद प्रणाली में मंडियों के माध्यम से किसानों से अनाज खरीदा जाता है, जिसके बाद भुगतान सीधे बैंक खातों में किया जाता है। लेकिन इस बार भुगतान में देरी और अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
Haryana Government की ओर से फिलहाल इस आरोप पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मामले की जानकारी संबंधित विभागों से मांगी जा सकती है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि भुगतान में देरी और गड़बड़ी की शिकायतें सही साबित होती हैं तो यह बेहद गंभीर मामला होगा, क्योंकि गेहूं खरीद व्यवस्था किसानों की आजीविका से सीधे जुड़ी होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई तो इससे किसानों का भरोसा सरकारी सिस्टम पर कमजोर हो सकता है। इसलिए इस तरह के मामलों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। किसान वर्ग भी अब इस पूरे मामले पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।