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मंदिर में मिला एक लेटर 100 लोगों के अपहरण की लिखी बात, लापता बेटे का पिता पहुंचा IG कार्यालय

 

30 मई की सुबह रेवाड़ी के रितेश गुलाटी को सूचना मिली कि उनके बेटे का नाम रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित शिव मंदिर से खाकी रंग के पत्र में लिखा है, जिसके बाद वे हिसार पहुंचे। उन्होंने आईजी कार्यालय पहुंचकर पत्र पर चल रही जांच की जानकारी ली। उन्होंने अपने लापता बेटे को ढूंढने की अपील की। ​​रेवाड़ी निवासी रितेश गुलाटी ने अमर उजाला को बताया कि उनका बेटा 11 अक्तूबर 2019 से लापता है। हिसार के एक मंदिर से एक पत्र मिला, जिसमें 100 बच्चों के अपहरण की बात कही गई थी। जिसमें मेरे बेटे का नाम लिखा था। पत्र में कहा गया था कि हमने 100 बच्चों का अपहरण कर उन्हें पाकिस्तान और दुबई भेजने की बात कही है। पुलिस ने सहयोग का आश्वासन दिया है।

मंदिर से एक लिफाफा मिला

30 मई शुक्रवार की सुबह पंडित सुरेश ने रोजाना की तरह मंदिर के कपाट खोले तो एक खाकी रंग का लिफाफा मिला। पहले तो उन्हें लगा कि किसी ने मन्नत मांगी होगी। सफाई करते समय पत्र देखा तो उसमें आईजी ऑफिसर हिसार लिखा था। खाकी लिफाफे में चार पन्नों की कॉपी थी, जिस पर ढाई पन्ने नीले बॉल पेन से लिखे थे। पत्र लिखने वाले ने लिखा था कि उसकी और उसके परिवार की जान को एक ऐसे गिरोह से खतरा है जो लोगों का अपहरण करता है।

पत्र में यह लिखा था

दो लोगों ने हमारे 30 से 35 लोगों को मार डाला। इसमें आगे लिखा था कि लेकिन समस्या तब शुरू हुई जब हमने अनुज को सिरसा से और मनोज ठाकुर को मध्य प्रदेश से पकड़ा। हमारे प्रयासों से वे दो बार भाग निकले। भागते समय दोनों ने हमारे 30 से 35 लोगों को मार डाला। पहली बार जब ये दोनों भागे तो हमने इन्हें विदेश से पकड़ा। इसके बाद हमने इन्हें भूखा रखा। ये फिर भाग निकले। वापस लाकर हमने हरियाणा के व्यक्ति को कर्नाटक में बेच दिया। हमारे मालिक संपत ने इन्हें पाकिस्तान में बेच दिया। मैडम मुझे धमका रही हैं कि या तो मैं इन्हें पकड़कर मार दूं या इनके परिवार से किसी बच्चे का अपहरण कर लूं। मैडम हर बार नए नंबर से मुझे कॉल करती हैं और बार-बार धमकाती हैं कि हमारे मालिक संपत को तेलंगाना पुलिस ने पकड़ लिया है। उन्हें तब पकड़ा गया जब वे डिलीवरी करने पाकिस्तान गए थे। अब मैं दबाव में हूं इसलिए यह पत्र लिख रहा हूं।