हरियाणा में 590 करोड़ के गबन मामले में 5 IAS अधिकारी रडार पर, CBI ने मांगी पूछताछ की अनुमति
हरियाणा में सामने आए 590 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय गबन मामले ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में अब जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है और पांच IAS अधिकारियों के नाम जांच के दायरे में आने की बात सामने आई है।
Central Bureau of Investigation ने संबंधित अधिकारियों से पूछताछ के लिए औपचारिक अनुमति मांगी है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच आवश्यक है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला कथित तौर पर सरकारी परियोजनाओं और वित्तीय आवंटन में अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें बड़े पैमाने पर धन के दुरुपयोग का संदेह जताया जा रहा है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब प्रशासनिक स्तर पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
Haryana में इस कथित घोटाले को लेकर पहले से ही जांच जारी थी, लेकिन अब CBI की सक्रिय भूमिका के बाद मामला और गंभीर हो गया है। एजेंसी ने संबंधित दस्तावेज, फाइलों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, जिन IAS अधिकारियों के नाम जांच के दायरे में आए हैं, उनसे परियोजना अनुमोदन, फंड रिलीज और निगरानी प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। हालांकि अभी तक किसी के खिलाफ औपचारिक आरोप तय नहीं किए गए हैं।
राज्य प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई के बाद हलचल तेज हो गई है। कई वरिष्ठ अधिकारी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टिप्पणी करने से बच रहे हैं। Government of Haryana की ओर से भी इस मामले पर नजर रखी जा रही है और CBI की मांग पर निर्णय लेने की प्रक्रिया जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की पुष्टि होती है तो यह मामला राज्य के सबसे बड़े वित्तीय जांच मामलों में से एक बन सकता है। फिलहाल CBI को अनुमति मिलने का इंतजार है, जिसके बाद पूछताछ और आगे की कार्रवाई तेज होने की संभावना है। मामले ने प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।