सूरत में तीन महिलाओं की हत्या का 4 साल बाद खुलासा, फुटेज में देंखे घर के आंगन में मिले कंकाल
गुजरात के सूरत जिले के कोसांबा इलाके में तीन महिलाओं की हत्या के मामले का करीब चार साल बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और कोसांबा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में वडफालिया स्थित एक घर के आंगन से मानव कंकाल बरामद किए गए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर पति-पत्नी ने मिलकर तीन महिलाओं की हत्या की और शवों को घर में ही छिपा दिया था। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में माधवदास और उसकी पत्नी उर्मिला को आरोपी बनाया गया है। मृतकों की पहचान उर्मिला की नानी शांताबेन, उसकी बहन भगवतीबेन और माधवदास की मां मंजुलाबेन के रूप में हुई है। पुलिस अब तीनों हत्याओं के पीछे की वजह और घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।
पति ने ही पत्नी को फंसाने के लिए की शिकायत
पुलिस के अनुसार, मामला उस समय सामने आया जब माधवदास ने अपनी पत्नी उर्मिला को हत्या के मामले में फंसाने के इरादे से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शुरुआत में पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर जांच शुरू की, लेकिन पूछताछ और जांच के दौरान उसके बयानों में कुछ बातें संदिग्ध नजर आईं।जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को शक हुआ कि शिकायतकर्ता खुद भी मामले में शामिल हो सकता है। इसके बाद पुलिस ने माधवदास और उर्मिला से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान तीन महिलाओं की हत्या और उनके शवों को छिपाने से जुड़ी जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने घर की तलाशी ली और आंगन से मानव कंकाल बरामद किए।
ड्रम में छिपाया था शांताबेन का शव
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शांताबेन के शव को पहले एक ड्रम में रखा था। इसके बाद ड्रम में तीन बोरी सीमेंट और पानी डालकर शव को सील कर दिया गया। करीब साढ़े तीन महीने तक शव को इसी तरह छिपाकर रखा गया।बताया जा रहा है कि करीब साढ़े तीन महीने बाद आरोपियों ने ड्रम खोला। इसके बाद शव को सीमेंट के ब्लॉक समेत घर के बरामदे में खोदे गए गड्ढे में दफना दिया गया। शव को छिपाने के बाद गड्ढे के ऊपर सीमेंट की परत भी डाल दी गई, ताकि किसी को वहां कुछ असामान्य होने का शक न हो।
कोरोना से मौत बताकर दबाया मामला
पुलिस के अनुसार, शांताबेन की मौत की असली वजह छिपाने के लिए रिश्तेदारों को बताया गया कि उनकी मौत कोरोना संक्रमण के कारण हुई है। कोरोना महामारी के दौरान कई जगहों पर शवों को लेकर लागू नियमों और प्रतिबंधों का हवाला देकर परिजनों को यह बताया गया कि शव उन्हें नहीं दिया गया।
इस तरह कथित तौर पर मौत की असली वजह को छिपाकर मामला दबा दिया गया। कई साल तक यह राज सामने नहीं आया। अब पुलिस की जांच के बाद घर से मानव कंकाल मिलने के साथ मामले ने नया मोड़ ले लिया है।फिलहाल पुलिस बरामद कंकालों की पहचान और मौत की परिस्थितियों की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच करा रही है। साथ ही आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तीनों महिलाओं की हत्या क्यों की गई और इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।