गुजरात की चीनी सहकारी समितियों से मजबूत हो रहे किसान, मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने जताया पीएम मोदी का आभार
गुजरात सरकार के कृषि एवं सहकारिता मंत्री Jitubhai Vaghani ने राज्य की चीनी सहकारी समितियों और गन्ना उत्पादक किसानों की ओर से प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय सहकारिता मंत्री Amit Shah तथा मुख्यमंत्री Bhupendra Patel का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण गुजरात में सहकारिता क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है और किसानों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।
मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि राज्य की चीनी सहकारी समितियां आज किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वर्तमान समय में गुजरात की सहकारी चीनी मिलें दो लाख से अधिक गन्ना उत्पादक किसानों को सीधे भुगतान कर रही हैं। इससे किसानों को समय पर उनकी फसल का उचित मूल्य मिल रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
उन्होंने बताया कि सहकारिता मॉडल के जरिए किसानों को सिर्फ भुगतान ही नहीं, बल्कि खेती से जुड़ी कई सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार की योजनाओं और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से गन्ना उत्पादन में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और हजारों परिवारों की आय में सुधार हुआ है।
वाघाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिली है। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद इस क्षेत्र में तेजी से सुधार हुए हैं। किसानों को पारदर्शी व्यवस्था, बेहतर भुगतान प्रणाली और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने में अमित शाह की भूमिका भी बेहद अहम रही है।
राज्य सरकार की ओर से भी किसानों के हित में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में कृषि और सहकारिता क्षेत्र में नई पहल की जा रही हैं, जिससे किसानों को खेती के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा भी मिल रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाना है।
गन्ना उत्पादक किसानों ने भी सरकार और सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर संतोष जताया है। किसानों का कहना है कि सीधे भुगतान की व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और उन्हें समय पर पैसा मिल रहा है। इससे खेती के लिए जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करना आसान हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात में सहकारिता आधारित चीनी उद्योग मॉडल आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, बल्कि ग्रामीण विकास को भी नई गति मिलेगी।