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Gujarat Hospital Negligence: दंता सिविल अस्पताल में मरीज को चढ़ाई एक्सपायरी ग्लूकोज की बोतल? तबीयत बिगड़ने पर हंगामा, डॉक्टर-नर्स को नोटिस

 

गुजरात के बनासकांठा जिले के दंता सिविल अस्पताल में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां इलाज के दौरान एक महिला मरीज को कथित रूप से एक्सपायरी डेट वाली ग्लूकोज की बोतल चढ़ा दी गई। इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसके हाथ-पैरों में सूजन आने की शिकायत हुई।

घटना के बाद मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और संबंधित डॉक्टर व नर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

ग्लूकोज चढ़ाने के बाद बिगड़ी महिला की हालत

जानकारी के अनुसार, महिला मरीज इलाज के लिए दंता सिविल अस्पताल पहुंची थी। उपचार के दौरान उसे ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई गई। परिजनों का आरोप है कि जो ग्लूकोज की बोतल लगाई गई, वह एक्सपायरी डेट की थी।

ग्लूकोज चढ़ाने के बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों के मुताबिक, महिला के हाथ-पैरों में सूजन आ गई और उसे परेशानी होने लगी। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल कर्मचारियों से शिकायत की और मामले को लेकर नाराजगी जताई।

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मरीजों के इलाज में इतनी बड़ी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि दवा और मेडिकल सामग्री इस्तेमाल करने से पहले उसकी जांच करना अस्पताल की जिम्मेदारी है।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अस्पताल अधीक्षक ने मानी गलती

मामला बढ़ने के बाद दंता सिविल अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू की। अस्पताल अधीक्षक ने कथित लापरवाही को गंभीर मानते हुए संबंधित डॉक्टर और नर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

अस्पताल अधीक्षक की ओर से गलती स्वीकार किए जाने के बाद अब यह जांच की जा रही है कि एक्सपायरी ग्लूकोज की बोतल मरीज तक कैसे पहुंची और उसे इस्तेमाल करने से पहले इसकी जांच क्यों नहीं की गई।

मेडिकल लापरवाही पर उठे सवाल

इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में दवाओं और मेडिकल सामग्री की गुणवत्ता जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा के लिए दवाओं की एक्सपायरी डेट और स्टॉक की नियमित जांच जरूरी होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में दवा वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं महिला मरीज की हालत पर भी नजर रखी जा रही है।

इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है और अस्पतालों में दवाओं के स्टॉक और गुणवत्ता जांच को लेकर समीक्षा किए जाने की संभावना है।