×

गुजरात में संगठन मजबूत करने मिशन पर अरविंद केजरीवाल, तीन दिवसीय दौरे से चुनावी तैयारियों को मिलेगी धार

 

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal रविवार, 24 मई से तीन दिनों के गुजरात दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरे को आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केजरीवाल का फोकस गुजरात में बूथ स्तर पर मजबूत संगठन तैयार करने पर रहेगा, ताकि आने वाले चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सके।

बताया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी गुजरात में उसी रणनीति पर काम कर रही है, जिसने दिल्ली में पार्टी को बड़ी राजनीतिक सफलता दिलाई थी। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यदि बूथ स्तर तक मजबूत टीम और सक्रिय कार्यकर्ता तैयार किए जाएं, तो चुनावी मुकाबले में पार्टी की स्थिति और मजबूत हो सकती है। इसी उद्देश्य के तहत केजरीवाल लगातार राज्यों का दौरा कर संगठन विस्तार पर जोर दे रहे हैं।

गुजरात दौरे के दौरान अरविंद केजरीवाल पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के साथ कई बैठकें करेंगे। इन बैठकों में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, बूथ प्रबंधन और चुनावी रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। पार्टी कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के लिए अभी से सक्रिय रहने और जनता के बीच पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गुजरात में आम आदमी पार्टी लगातार अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी ने राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी और कुछ सीटों पर बेहतर प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद से ही पार्टी राज्य में संगठन को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल का यह दौरा सिर्फ राजनीतिक सभाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद भी करेंगे। पार्टी की कोशिश है कि गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग टीम बनाकर मतदाताओं तक सीधे पहुंच बनाई जाए। बूथ स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार करने से चुनाव के दौरान मतदाताओं तक प्रभावी तरीके से पहुंचना आसान हो सकता है।

गुजरात में आम आदमी पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और रोजगार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। पार्टी दिल्ली मॉडल को राज्य में पेश करते हुए जनता को बेहतर सुविधाएं देने का दावा कर रही है। केजरीवाल अपने दौरे के दौरान इन मुद्दों को लेकर भी जनता और कार्यकर्ताओं से संवाद कर सकते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गुजरात में मुख्य मुकाबला लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच रहा है, लेकिन आम आदमी पार्टी खुद को तीसरे मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में केजरीवाल का यह दौरा संगठनात्मक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए आम आदमी पार्टी अभी से अपनी रणनीति को धार देने में जुट गई है। माना जा रहा है कि गुजरात में बूथ स्तर पर मजबूत टीम तैयार कर पार्टी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की कोशिश करेगी।