Who Was Rakesh Mehta: शीला दीक्षित सरकार में मुख्य सचिव रहे पूर्व IAS राकेश मेहता ने की आत्महत्या, दिल्ली की सूरत बदलने में निभाई थी अहम भूमिका
दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश मेहता के निधन की खबर से प्रशासनिक जगत में शोक की लहर है। शीला दीक्षित सरकार के दौरान दिल्ली के मुख्य सचिव रहे राकेश मेहता ने नोएडा स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। वह दिल्ली की सूरत बदलने और कई बड़े विकास कार्यों में अपनी अहम भूमिका के लिए जाने जाते थे।
कौन थे राकेश मेहता?
राकेश मेहता भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी रहे थे। अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह दिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर जैसे अहम पद पर भी रह चुके थे।प्रशासनिक अनुभव और कुशल कार्यशैली के कारण उन्हें दिल्ली के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का जिम्मा मिला था।
दिल्ली की तस्वीर बदलने में निभाई थी बड़ी भूमिका
राकेश मेहता का नाम दिल्ली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाले अधिकारियों में गिना जाता है। शीला दीक्षित सरकार के कार्यकाल में उन्होंने दिल्ली के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।उनके कार्यकाल के दौरान राजधानी में शहरी विकास, प्रशासनिक सुधार और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई कामों को गति मिली। दिल्ली को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की योजनाओं में उनकी भूमिका को याद किया जाता है।
MCD कमिश्नर के तौर पर भी संभाली जिम्मेदारी
राकेश मेहता दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर भी रहे। इस पद पर रहते हुए उन्होंने नगर प्रशासन, सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया।MCD जैसे बड़े निकाय की जिम्मेदारी संभालना उनके प्रशासनिक अनुभव और क्षमता को दर्शाता है।
पिछले पांच साल से रह रहे थे अलग
जानकारी के मुताबिक, राकेश मेहता पिछले करीब पांच सालों से अपनी पत्नी और बच्चों से अलग नोएडा की एक सोसाइटी में किराये के फ्लैट में रह रहे थे। उनके पारिवारिक जीवन और निजी परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच कर रही है।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
नोएडा में मिला शव, जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के आधार पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।मौके से मिले सबूतों और परिजनों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक जगत में शोक
राकेश मेहता के निधन की खबर के बाद पूर्व नौकरशाहों और प्रशासनिक अधिकारियों ने दुख जताया है। उन्हें एक अनुभवी, ईमानदार और कुशल प्रशासक के रूप में याद किया जा रहा है।