×

‘विकसित भारत 2047’ हमारा संकल्प और वादा, वीडियो में जाने केंद्रीय मंत्रियों की बैठक में पीएम मोदी का बड़ा संदेश

 

Narendra Modi की अध्यक्षता में गुरुवार रात दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की अहम बैठक आयोजित की गई। करीब साढ़े चार घंटे तक चली इस हाई लेवल बैठक में सरकार के कामकाज, मंत्रालयों के प्रदर्शन, लंबित योजनाओं और आने वाले समय की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को तेज गति से काम करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने का संदेश दिया।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/7ekE1qhS7D4?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/7ekE1qhS7D4/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि “विकसित भारत 2047” केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह सरकार का लक्ष्य, संकल्प और देशवासियों से किया गया वादा है। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सभी मंत्रालयों को मिशन मोड में काम करना होगा।

सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने सरकारी फाइलों में अनावश्यक देरी पर चिंता जताई और अधिकारियों तथा मंत्रियों को निर्णय प्रक्रिया तेज करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए प्रशासनिक व्यवस्था को और सरल एवं पारदर्शी बनाया जाना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने बैठक में सुधारों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सरकार को “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की दिशा में लगातार आगे बढ़ना होगा। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि नई तकनीक, डिजिटल सिस्टम और बेहतर समन्वय के जरिए शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आम लोगों तक किस तरह बेहतर तरीके से पहुंचाया जाए। पीएम मोदी ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे जनता के बीच जाकर पिछले 12 वर्षों में सरकार द्वारा किए गए कार्यों, विकास योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दें। उनका कहना था कि सरकार की नीतियों का वास्तविक प्रभाव लोगों तक पहुंचना चाहिए और जनता के साथ संवाद लगातार बना रहना चाहिए।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न मंत्रालयों की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की गई। कई मंत्रियों ने अपने विभागों में चल रही योजनाओं और भविष्य की परियोजनाओं की जानकारी दी। सरकार की प्राथमिकताओं में इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंडिया, रोजगार, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को प्रमुख बताया गया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक आगामी वर्षों की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। खासकर “विकसित भारत 2047” विजन को लेकर सरकार अब अधिक आक्रामक और परिणाम आधारित कार्यशैली पर जोर देती दिखाई दे रही है।

फिलहाल, प्रधानमंत्री मोदी के संदेश के बाद यह साफ संकेत मिला है कि केंद्र सरकार आने वाले समय में प्रशासनिक गति बढ़ाने, सुधारों को तेज करने और जनता के बीच अपनी उपलब्धियों को मजबूती से पहुंचाने पर विशेष फोकस करने वाली है।