सौरभ दास और रांका के मामले में मोड़; क्राइम ब्रांच के हवाले जांच
सौरभ दास और रांका से जुड़े मामले में जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की खबर सामने आई है। जांच एजेंसी बदलने से मामले की पड़ताल अब नए सिरे से आगे बढ़ सकती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि मामला किस आरोप से जुड़ा है, क्राइम ब्रांच को जांच सौंपने का आदेश किस अधिकारी ने दिया और अब तक की जांच में क्या सामने आया है।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका से जुड़ा है। जंतर-मंतर पर 13 अक्टूबर को हुए घटनाक्रम को लेकर दर्ज दो FIR की जांच क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल को सौंपी गई है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों नेताओं पर आरोप है कि वे 13 अक्टूबर को CJP कार्यकर्ताओं के साथ जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रतिबंधों के बावजूद प्रवेश कर गए। पुलिस ने इस घटनाक्रम से संबंधित अलग-अलग थानों में दो FIR दर्ज की थीं। अब इन मामलों की जांच क्राइम ब्रांच करेगी।
यह घटनाक्रम मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। CJP की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जबकि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर अपना पक्ष रखा है।
न्यायिक हिरासत भी दो दिन बढ़ी
19 अक्टूबर को अदालत ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी। ऐसे में क्राइम ब्रांच को जांच सौंपे जाने के साथ मामले की कानूनी कार्रवाई भी जारी है।पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों और मामले में दोनों नेताओं के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है। जांच के बाद ही घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।