दिल्ली में महिलाओं के लिए सफर बना चुनौती, सड़क से मेट्रो-बस तक यौन उत्पीड़न का दावा; शोध में सामने आई चौंकाने वाली बात
दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन से सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक शोध में अहम जानकारी सामने आई है। अध्ययन के मुताबिक, महिलाओं को सड़क, मेट्रो और बसों में सफर के दौरान यौन उत्पीड़न जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। इन घटनाओं का असर उनके यात्रा के तरीके और रोजमर्रा की आवाजाही पर भी पड़ रहा है।
300 से ज्यादा महिलाओं पर की गई स्टडी में सामने आया कि कई महिलाएं संभावित उत्पीड़न से बचने के लिए अपने सफर के समय और रास्ते में बदलाव कर रही हैं। कुछ महिलाएं परिवहन के साधन तक बदलने को मजबूर हो रही हैं।
शाम के समय ज्यादा घटनाओं की बात
शोध में शामिल महिलाओं के अनुभवों के आधार पर बताया गया कि शाम के समय ऐसी घटनाओं की आशंका अधिक महसूस की जाती है। सार्वजनिक स्थानों और परिवहन के साधनों में महिलाओं ने अलग-अलग तरह के असहज व्यवहार और उत्पीड़न का अनुभव साझा किया।
स्टडी के मुताबिक, सुरक्षा को लेकर चिंता के कारण कई महिलाएं अकेले यात्रा करने से बचती हैं या अपने आने-जाने का समय बदल लेती हैं। कुछ महिलाएं ऐसे रास्तों को चुनती हैं, जहां उन्हें अधिक सुरक्षित महसूस होता है।
सफर का तरीका बदल रही महिलाएं
अध्ययन में यह भी सामने आया कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं का सीधा असर महिलाओं की मोबिलिटी पर पड़ रहा है। कई महिलाएं अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पहले से अलग मार्ग चुनती हैं। वहीं कुछ महिलाएं सार्वजनिक परिवहन के बजाय दूसरे साधनों का इस्तेमाल करने को प्राथमिकता देती हैं।
शोध में शामिल महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि यात्रा से जुड़ा फैसला केवल समय और सुविधा के आधार पर नहीं लिया जा रहा, बल्कि सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण कारक बन गया है।
सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा पर जोर
अध्ययन के निष्कर्ष सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जरूरी सवाल उठाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और रोजमर्रा की गतिविधियों में भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण है।
महिलाओं के अनुभवों के आधार पर शोध में सार्वजनिक परिवहन और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत की ओर ध्यान दिलाया गया है। सीसीटीवी, पर्याप्त रोशनी, शिकायत व्यवस्था और जरूरत के समय त्वरित मदद जैसे उपायों को प्रभावी तरीके से लागू करना महिलाओं के लिए सुरक्षित यात्रा का माहौल बनाने में मदद कर सकता है।